DMC में महिलाओं को 50% आरक्षण: दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को जल्द फैसला लेने का दिया निर्देश

Kittu Kumari3 October 20261 min read0 viewsDelhi Local
DMC में महिलाओं को 50% आरक्षण: दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को जल्द फैसला लेने का दिया निर्देश

दिल्ली के डॉक्टरों की सर्वोच्च संस्था, दिल्ली मेडिकल काउंसिल (DMC) में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह काउंसिल में महिलाओं के लिए कम से कम 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के प्रस्ताव पर जल्द से जल्द अपना निर्णय ले। यह निर्देश चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस सिंह की बेंच ने एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिया है।

यह पूरा मामला डॉ. अंजू गंभीर द्वारा दायर एक याचिका से शुरू हुआ। उन्होंने अपनी दलील में साफ कहा कि चिकित्सा पेशे में महिलाओं की संख्या काफी अधिक है, लेकिन जब बात निर्णय लेने वाली संस्था यानी DMC की आती है, तो वहां विविधता और महिलाओं के प्रतिनिधित्व की भारी कमी है। डॉ. गंभीर का तर्क था कि इस कमी की वजह से महत्वपूर्ण फैसलों में महिलाओं के नजरिए और उनकी जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

कानूनी प्रावधानों की कमी और कोर्ट का रुख

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण बिंदु पर गौर किया कि दिल्ली मेडिकल काउंसिल एक्ट 1997, जिसके तहत यह काउंसिल काम करती है, उसमें चुनाव या नामांकन में जेंडर-आधारित कोटा (आरक्षण) का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसी वजह से अदालत ने कहा कि वह अपनी तरफ से एकतरफा आरक्षण लागू करने का आदेश नहीं दे सकती।

अदालत ने अब गेंद सरकार के पाले में डाल दी है। बेंच ने दिल्ली सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे याचिकाकर्ता द्वारा "समान और सार्थक प्रतिनिधित्व" की मांग पर गंभीरता से विचार करें और इस मामले में जल्द से जल्द उचित समाधान निकालें। गौरतलब है कि याचिका में केवल DMC ही नहीं, बल्कि दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन में भी इसी तरह के आरक्षण उपायों की मांग की गई है।

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