राज शेखावत की Habeas Corpus याचिका पर Delhi High Court का बड़ा फैसला, तत्काल राहत से इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष राज शेखावत की तरफ से दायर की गई Habeas Corpus याचिका पर सुनवाई की। शेखावत ने आरोप लगाया था कि उन्हें 23 अगस्त 2026 को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था और बिना किसी औपचारिक नजरबंदी आदेश के एक दोस्त के आवास पर रखा गया था। इस मामले की विस्तृत जानकारी ANINews पर उपलब्ध है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के वकील ने अदालत को सूचित किया कि शेखावत को किसी भी मामले में न तो हिरासत में लिया गया है और न ही गिरफ्तार किया गया है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की खंडपीठ ने पुलिस के इस बयान को स्वीकार किया और कहा कि याचिकाकर्ता कहीं भी आने-जाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। इसके संबंध में और अधिक अपडेट ANINews National पर देखे जा सकते हैं।
अदालत ने कहा कि इस मामले में किसी तत्काल राहत की आवश्यकता नहीं है और स्पष्ट किया कि भविष्य के किसी भी विरोध प्रदर्शन में कानून का पालन किया जाना चाहिए। याचिका में 29 जनवरी 2026 के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया गया था जिसमें UGC regulations को स्थगित रखा गया था। दिल्ली पुलिस ने पहले ही प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था, और अब अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। इस पूरी खबर की मूल रिपोर्ट ANINews General News पर पढ़ी जा सकती है।