नेशनल हेराल्ड केस: ED को झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से किया इनकार

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
नेशनल हेराल्ड केस: ED को झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से किया इनकार

नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने एजेंसी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने ट्रायल कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ अंतरिम राहत मांगी थी। जस्टिस सचिन दत्ता ने ED की उस मांग को मानने से इनकार कर दिया, जिसमें एजेंसी चाहती थी कि गांधी परिवार द्वारा नियंत्रित एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को PMLA अपीलीय न्यायाधिकरण से अपनी जब्त संपत्तियां वापस लेने से रोका जाए।

क्या है पूरा विवाद और कोर्ट की टिप्पणी

यह पूरा मामला 16 दिसंबर 2025 को स्पेशल जज विशाल गोगने के फैसले से शुरू हुआ था। ट्रायल कोर्ट ने ED द्वारा गांधी परिवार, यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) और AJL के खिलाफ दायर मनी लॉन्ड्रिंग शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। कोर्ट का मानना था कि ED की शिकायत कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है क्योंकि यह किसी FIR पर आधारित नहीं थी, बल्कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक निजी शिकायत पर आधारित थी।

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ED ने इस मामले में नेशनल हेराल्ड और संबंधित कंपनियों की लगभग 752 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां और इक्विटी शेयर जब्त किए हैं, जिसमें बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित 'हेराल्ड हाउस' भी शामिल है। एजेंसी का तर्क था कि आरोपी ट्रायल कोर्ट के आदेश का फायदा उठाकर इन संपत्तियों को छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपियों को गलत तरीके से सुरक्षा प्रदान करता है।

दूसरी तरफ, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने ED की इस याचिका को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। उनका कहना है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला पूरी तरह कानूनी है और इसमें किसी भी तरह की अनियमितता या क्षेत्राधिकार की गलती नहीं है। गांधी परिवार का तर्क है कि PMLA के तहत निजी शिकायत के आधार पर कार्यवाही की अनुमति नहीं है।

अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को तय की गई है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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