CJP प्रोटेस्ट वेबसाइट सस्पेंशन: दिल्ली हाई कोर्ट ने MeitY और NIXI से मांगा जवाब

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NIXI) को नोटिस जारी किया है। यह मामला 'chalosansad.in' नामक वेबसाइट के सस्पेंशन से जुड़ा है, जिसे दिल्ली निवासी श्रीराम विश्वनाथन ने जुलाई 2026 में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'चलो संसद' विरोध मार्च के दस्तावेजीकरण के लिए बनाया था। कोर्ट ने अब इस कार्रवाई पर दोनों संस्थाओं से औपचारिक जवाब मांगा है।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब श्रीराम विश्वनाथन ने 19 जुलाई 2026 को इस डोमेन को रजिस्टर किया। हालांकि, महज तीन दिन बाद 22 जुलाई को NIXI ने इस डोमेन को 'serverHOLD' स्टेटस में डाल दिया, जिससे वेबसाइट पूरी तरह से बंद हो गई। NIXI ने इस कार्रवाई के पीछे एम्बलेम्स एक्ट के कथित उल्लंघन और यूजर रजिस्ट्रेशन विवरण में गलतियों का हवाला दिया था।
राजनीतिक अभिव्यक्ति पर रोक का आरोप
श्रीराम विश्वनाथन ने अदालत में याचिका दायर करते हुए कहा कि उन्होंने आधार से जुड़े पते की विसंगति को उसी दिन ठीक कर दिया था जिस दिन इसे फ्लैग किया गया था, इसके बावजूद वेबसाइट को बहाल नहीं किया गया। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह कदम राजनीतिक अभिव्यक्ति पर एक प्रकार का प्रतिबंध है और उन्हें अपनी बात रखने का कोई मौका नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि NIXI ने वेबसाइट बंद करने के लिए परस्पर विरोधाभासी तर्क दिए हैं।
हालांकि मूल डोमेन अभी भी निष्क्रिय है, लेकिन इस वेबसाइट की सामग्री वर्तमान में एक मिरर वेबसाइट 'chalosansad.com' के जरिए उपलब्ध है। कोर्ट का यह हस्तक्षेप अब इस डिजिटल विवाद में एक नया मोड़ ले आया है, जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और NIXI इस पर क्या सफाई पेश करते हैं।