बोर्ड परीक्षा में कैलकुलेटर के इस्तेमाल पर दिल्ली हाईकोर्ट का सीबीएसई को नोटिस
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्या कक्षा 12 की परीक्षाओं में छात्रों को कैलकुलेटर इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा सकती है।

कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीएसई (CBSE), केंद्र सरकार, एनसीईआरटी (NCERT) और परख (PARAKH) को एक औपचारिक नोटिस जारी किया है। यह कदम एक जनहित याचिका (PIL) के जवाब में उठाया गया है, जिसमें मांग की गई है कि बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों को कैलकुलेटर इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए।
विशाल दुआ और कुछ अन्य अभिभावकों द्वारा दायर इस याचिका में तर्क दिया गया है कि अकाउंटेंसी और गणित जैसे विषयों में जटिल गणनाओं के कारण छात्रों का काफी समय बर्बाद होता है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कैलकुलेटर न होने की वजह से छात्र अपनी वैचारिक समझ (Conceptual Understanding) को पूरी तरह से प्रदर्शित नहीं कर पाते हैं, क्योंकि उनका पूरा ध्यान केवल गणनाओं को सही करने में लगा रहता है।
अन्य बोर्ड्स का हवाला और सीबीएसई की स्थिति
याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि CISCE, कैम्ब्रिज IGCSE और IB जैसे अन्य प्रमुख शिक्षा बोर्ड पहले से ही छात्रों को कैलकुलेटर इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं। इसके अलावा, यह मांग भी उठाई गई है कि कैलकुलेटर की सुविधा, जो वर्तमान में केवल डिस्केलकुलिया (Dyscalculia) से पीड़ित छात्रों के लिए उपलब्ध है, उसे अन्य दिव्यांग छात्रों तक भी बढ़ाया जाना चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि याचिका के अनुसार, नवंबर 2024 में सीबीएसई की पाठ्यक्रम समिति ने अकाउंटेंसी परीक्षा में कैलकुलेटर के उपयोग के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसे दिसंबर 2024 में गवर्निंग बॉडी के सामने रखा गया था। हालांकि, इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीएसई के वकील ने कहा कि मामला अभी विचाराधीन है और उन्होंने इस पर आगे के निर्देश लेने के लिए समय मांगा है।
एक्टिंग मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच ने सभी संबंधित पक्षों को छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि समिति के प्रस्ताव को लागू करना है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय लेने का अधिकार सीबीएसई के पास ही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी, 2027 को होगी।