दिल्ली हाई कोर्ट ने मनाया 60वां स्थापना दिवस, CJI ने बताया सुप्रीम कोर्ट का खास साथी
दिल्ली हाई कोर्ट के 60वें स्थापना दिवस पर CJI सूर्य कांत ने कोर्ट की कार्यक्षमता और सुप्रीम कोर्ट के साथ इसके खास रिश्तों की तारीफ की।

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने गौरवशाली सफर के 60 साल पूरे कर लिए हैं। 31 अक्टूबर 1966 को अपनी स्थापना के बाद से न्याय की मशाल जलाए रखने वाले इस संस्थान ने 30 अक्टूबर 2026 को अपना 60वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस खास मौके पर न्यायिक जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं, जिन्होंने कोर्ट की उपलब्धियों और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यक्षमता और यहां के न्यायाधीशों व वकीलों के समर्पण की जमकर सराहना की। CJI कांत ने एक बेहद दिलचस्प बात कही कि सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के बीच एक विशेष रिश्ता है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के काम का एक बड़ा हिस्सा अक्सर दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा संभाला जाता है, यही वजह है कि कई बार शीर्ष अदालत खुद सलाह देती है कि राहत के लिए पहले दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाए।
तकनीकी चुनौतियां और संवैधानिक मार्ग
बदलते दौर की बात करते हुए CJI सूर्य कांत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक जैसी नई तकनीकी चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब नए मुद्दों पर कानून मौन होता है, तब न्यायपालिका को मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान का सहारा लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बौद्धिक संपदा कानून (IP Law) के क्षेत्र में कोर्ट के योगदान और देश के पहले कोर्ट-संलग्न मध्यस्थता केंद्र (Arbitration Centre) की स्थापना की तारीफ की।
इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में होने के कारण इस कोर्ट की जिम्मेदारियां केवल दिल्ली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका प्रभाव व्यापक है। वहीं, दिल्ली हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे ने पारदर्शी और त्वरित न्याय के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई।
दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एन. हरिहरन ने जस्टिस एच.आर. खन्ना जैसे महान न्यायविदों की विरासत को याद किया। उन्होंने कहा कि पिछले छह दशकों में तमाम दबावों के बावजूद यह संस्थान अपनी मजबूती और निष्पक्षता के साथ अडिग रहा है।