दिल्ली हाई अलर्ट: विरोध प्रदर्शन के चलते 26,000 सुरक्षाकर्मी तैनात, मेट्रो और ट्रेनें प्रभावित

राजधानी दिल्ली में शनिवार को होने वाले एक बड़े विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन से निपटने के लिए शहर में 26,000 सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती की गई है। यह हाल के इतिहास में शहर की सबसे बड़ी सुरक्षा पहरेदारियों में से एक है, जिसमें CRPF, BSF, SSB, ITBP और CISF जैसे केंद्रीय सशस्त्र बल शामिल हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत किसी भी तरह के अनधिकृत सार्वजनिक जमावड़े, जुलूस या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों सहित करीब 50,000 से अधिक लोगों के दिल्ली पहुंचने की संभावना है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तर दिल्ली में 10 डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं और शहर की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही, महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए अर्धसैनिक बलों की पांच महिला कंपनियां भी तैनात की गई हैं।
आम जनजीवन और परिवहन पर पड़ेगा बड़ा असर
इस सुरक्षा अलर्ट के कारण दिल्लीवासियों को आने वाले समय में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) से अनुरोध किया गया है कि वह 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दे, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी में भी कटौती की जा सकती है। इसके अलावा, 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
सावधानी बरतते हुए दिल्ली आबकारी विभाग ने 9 और 10 अक्टूबर को सभी रिटेल शराब दुकानों (L6, L6FG, L8, L10 और L14 लाइसेंस धारक) को बंद रखने का आदेश दिया है। सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के होटलों और गेस्ट हाउसों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बुकिंग सीमित रखें और आने वाले मेहमानों के उद्देश्य की गहन जांच करें।
दूसरी ओर, कांग्रेस और I.N.D.I.A. गठबंधन सहित विपक्षी दल 9 अक्टूबर से ही प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की योजना थी। वहीं, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि त्योहारों के मौसम में आर्थिक नुकसान को देखते हुए विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाई जाए। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत भीड़ का हिस्सा न बनें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।