चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी, दिल्ली में हाई अलर्ट और ट्रेनें रद्द

राजधानी दिल्ली में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), लेफ्ट गुटों और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ बुलाए गए इस प्रदर्शन के चलते पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, उन पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कदाचार के आरोप लगाए गए हैं। इस विरोध प्रदर्शन में INDIA गठबंधन ने भी अपना समर्थन दिया है।
CJP नेता अभिजीत डिपके ने जंतर मंतर तक मार्च निकालने का संकल्प जताया है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस सभा की अनुमति नहीं दी है। वर्तमान में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है, जिसके कारण कोई भी जमावड़ा अवैध माना जाएगा। CJP प्रवक्ता आशुतोष रंका ने पुलिस से अपील की है कि छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ संयम बरता जाए। पार्टी नेताओं का यह भी दावा है कि इस आयोजन की आशंका के चलते देशभर में हजारों समर्थकों को हिरासत में लिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था और आम जनजीवन पर असर
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 20,000 से 26,000 जवानों को तैनात किया गया है, जिनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 11,000 जवान और करीब 500 महिला अधिकारी शामिल हैं। पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरों के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाकर Z+ श्रेणी कर दी गई है।
आम जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू किए गए हैं:
- शराब बिक्री पर रोक: 9 और 10 अक्टूबर को शहर के सभी रिटेल आउटलेट्स पर शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी, हालांकि लाइसेंस प्राप्त बार और रेस्टोरेंट खुले रहेंगे।
- ट्रेनों का रद्दीकरण: ट्रैफिक जाम से बचने के लिए भारतीय रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर आने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
- इंटरनेट सेवा: प्रशासन कुछ खास इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद करने पर विचार कर रहा है, हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।