दिल्ली में हेपेटाइटिस संक्रमण का बढ़ा खतरा, हजारों मरीज पाए पॉजिटिव

देश की राजधानी दिल्ली में हेपेटाइटिस बी और सी के संक्रमण के आंकड़े काफी चिंताजनक सामने आए हैं। नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (NVHCP) के तहत की गई जांच में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित पाए गए हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि स्क्रीन किए गए मरीजों में संक्रमण की दर काफी अधिक है।
आंकड़ों की बात करें तो पिछले एक साल में हेपेटाइटिस बी के लिए 9,152 और हेपेटाइटिस सी के लिए 8,973 लोगों की जांच की गई। इनमें से 2,414 लोग हेपेटाइटिस बी और 1,875 लोग हेपेटाइटिस सी से संक्रमित पाए गए। अनुमान है कि दिल्ली में करीब 1.7 लाख लोग हेपेटाइटिस बी और 2.5 लाख लोग हेपेटाइटिस सी के साथ जी रहे हैं।
जांच के लिए Truenat मशीनों का होगा इस्तेमाल
संक्रमण के इस बढ़ते बोझ को देखते हुए दिल्ली सरकार अब अपनी रणनीति बदल रही है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत टीबी स्क्रीनिंग के लिए आवंटित 85 Truenat मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक मशीनों का इस्तेमाल अब हेपेटाइटिस बी और सी के वायरल लोड की जांच के लिए किया जाएगा।
सरकार की योजना के मुताबिक, हर जिले में एक Truenat प्लेटफॉर्म तैनात किया जाएगा और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रत्येक वायरस के लिए 2,500 चिप्स खरीदे जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि आम जनता की सुविधा के लिए ये सुविधाएं अब वर्किंग ऑवर्स के बाद और छुट्टियों के दिन भी उपलब्ध रहेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने उन लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है जो हाई-रिस्क ग्रुप में आते हैं, जैसे कि इंजेक्शन साझा करने वाले लोग, असुरक्षित यौन संबंध बनाने वाले या जिन्हें ब्लड ट्रांसफ्यूजन मिला हो। दिल्ली सरकार शहर के निर्धारित केंद्रों पर मुफ्त स्क्रीनिंग और इलाज मुहैया करा रही है।
भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को पूरी तरह समाप्त करना है। इसके लिए देश भर में मुफ्त जांच और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मरीजों की निगरानी के लिए एक पेपरलेस NVHCP-MIS पोर्टल भी बनाया गया है। यदि कोई व्यक्ति इस बीमारी से जुड़ी जानकारी या सहायता चाहता है, तो वह टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6666 पर संपर्क कर सकता है।