दिल्ली में भारी बारिश से हाहाकार, मकान ढहने और जलभराव से ट्रैफिक जाम, रेड अलर्ट जारी

दिल्ली में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस दौरान पूरे शहर में जलभराव, ट्रैफिक जाम, मकान ढहने और पेड़ गिरने की कई घटनाएं सामने आईं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस दिन के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, जिसे बाद में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों के लिए कम कर दिया गया।
मकान ढहने और पेड़ गिरने की घटनाएं
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने आधी रात से इमारत ढहने और पेड़ गिरने से जुड़ी दो दर्जन से अधिक कॉल्स पर कार्रवाई की। DFS ने मकान ढहने की कम से कम नौ घटनाओं और पेड़ गिरने के 16 मामलों की रिपोर्ट दी। उल्लेखनीय है कि एक घर पर पेड़ गिरने के बाद तीन महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जलभराव और ट्रैफिक जाम से परेशानी
सैनिक फार्म, शास्त्री पार्क, रोहतक रोड, तुगलकाबाद तथा लाल किला और ITO के पास के इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर रही। प्रमुख मुख्य सड़कों पर कई घंटों तक ट्रैफिक गंभीर रूप से बाधित रहा। शहर में महत्वपूर्ण बारिश दर्ज की गई, जिसमें शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक पुष्प विहार में 111.5 मिमी और छतरपुर में 104.5 मिमी बारिश हुई। अधिकतम तापमान गिरकर 27.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो मौसमी औसत से 6.6 डिग्री कम था।
सरकारी विभागों की कार्रवाई और मौसम का पूर्वानुमान
आधिकारिक विभागों ने भी कई समस्याओं की सूचना दी, जिसमें लोक निर्माण विभाग (PWD) को जलभराव से संबंधित लगभग 15 शिकायतें मिलीं। वहीं, नगर निगम (MCD) ने पेड़ गिरने और पानी जमा होने दोनों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कीं। IMD का अनुमान है कि राजधानी में 10 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी और पूरे सप्ताह के अंत तक बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। मौसम वैज्ञानिकों ने इस लंबे गीले दौर का कारण सक्रिय मानसून ट्रफ, एक पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रहे कई चक्रवाती परिसंचरणों के संयोजन को बताया है (Source: UNI)। स्काइमेट वेदर के मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने संकेत दिया कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले दो से तीन दिनों तक मध्यम बारिश होने की संभावना है (Source: UNI)।