दिल्ली में भारी बारिश और तेज हवाओं का कहर, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए आने वाले कुछ घंटे चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। शहर में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि झोंके 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं।
दोपहर के समय कुछ इलाकों में प्रति घंटा 5 से 15 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है, जिसके साथ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे पहले प्रशासन ने गंभीर गरज-चमक और भारी बारिश की आशंका जताते हुए दिल्ली के सभी 11 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। मौसम का यह मिजाज केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे NCR शहरों में भी मौसम का असर साफ दिख रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ और मानसून की विदाई
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम में यह अचानक बदलाव एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण हुआ है। इसे मानसून के बाद का एक सामान्य पैटर्न माना जा रहा है। IMD के मुताबिक, वर्तमान वायुमंडलीय स्थितियां दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह से विदाई के लिए अनुकूल हैं, जो एक मौसमी बदलाव का संकेत है।
तापमान की बात करें तो गुरुवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक है। अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, बारिश के बावजूद प्रदूषण की समस्या बनी हुई है और कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 281 तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश और गरज-चमक का यह सिलसिला शुक्रवार, 16 अक्टूबर तक जारी रह सकता है, जिसके बाद शनिवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे ट्रैफिक जाम, जलभराव और कम दृश्यता (poor visibility) के प्रति सतर्क रहें। साथ ही, गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।