दिल्ली में भारी मानसून बारिश से जलभराव और ट्रैफिक जाम, जानिए क्या है IMD का अलर्ट

दिल्ली में 11 अगस्त 2026 को हुई भारी बारिश के कारण राजधानी में कई जगहों पर waterlogging और गंभीर traffic disruptions देखने को मिले हैं। शहर में 1 अगस्त से 10 अगस्त के बीच 234.5 mm बारिश दर्ज की गई है, जो इसके मासिक औसत 233.1 mm से अधिक है। इस दौरान Kanwar Yatra के पीक समय के कारण ट्रैफिक पर काफी असर पड़ा है, जिससे Kalindi Kunj, DND Flyway, Ashram Chowk और Mathura Road जैसे प्रमुख मार्गों पर गाड़ियां धीमी चलीं और ट्रैफिक डायवर्जन व प्रतिबंध लगाए गए। दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद पुलिस ने यात्रियों के लिए advisories जारी कर यात्रा की योजना बनाने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की अपील की है।
- दिल्ली में 11 अगस्त को भारी बारिश से व्यापक जलभराव और ट्रैफिक जाम।
- 1 से 10 अगस्त के बीच 234.5 mm बारिश, जो मासिक औसत से ज्यादा है।
- Kanwar Yatra के चलते प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित और पुलिस द्वारा एडवाइजरी जारी।
मौसम विभाग का अनुमान और तापमान में गिरावट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए दिल्ली में yellow alert जारी किया है, जिसके तहत आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना है। साथ ही 16 अगस्त तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया गया है, जिसमें 11 और 13 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी downpours की संभावना है। इससे पहले 10 अगस्त को हुई भारी बारिश के दौरान राजधानी और NCR के कई हिस्सों में पानी बरसा, जिसमें Mayur Vihar में सबसे ज्यादा 37 mm बारिश दर्ज की गई। इस लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है, लेकिन इससे शहर के infrastructure पर असर पड़ रहा है और नागरिक एजेंसियों पर संवेदनशील इलाकों को संभालने और जलभराव की समस्याओं को दूर करने का दबाव बना हुआ है।
प्रशासनिक तैयारियां और अधिकारियों के निर्देश
मानसून सीजन से पहले, Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने मई और जून 2026 तक लगभग 80 प्रतिशत drain desilting का काम पूरा करने की जानकारी दी थी। जुलाई 2026 में उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मानसून की तैयारियों की समीक्षा की थी और यह नोट किया था कि जलभराव वाले स्थानों की संख्या 2024 में 194 से घटकर 2026 में 34 रह गई है। उन्होंने Public Works Department और दिल्ली जल बोर्ड सहित विभिन्न एजेंसियों को mobile heavy-duty pumps तैनात करने, वास्तविक समय की निगरानी (real-time monitoring) को मजबूत करने और भारी बारिश के प्रभाव को कम करने के लिए निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।