दिल्ली स्वास्थ्य सचिव को खरीद में देरी पर शो-कॉज नोटिस जारी, ₹650 करोड़ के घोटाले में PMO का दखल

Kittu Kumari5 August 20262 min read45 viewsDelhi Local
दिल्ली स्वास्थ्य सचिव को खरीद में देरी पर शो-कॉज नोटिस जारी, ₹650 करोड़ के घोटाले में PMO का दखल

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने स्वास्थ्य सचिव रुपेश कुमार ठाकुर को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट्स (ORS), पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों और चादरों की खरीद में देरी और कथित अनियमितताओं पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। यह कार्रवाई दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की खरीद प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने के लिए की गई है, क्योंकि प्रशासन विभिन्न खरीद प्रक्रियाओं में स्पष्टता चाहता है। newsonair.gov.in के अनुसार, यह घटनाक्रम ₹600-650 करोड़ के कथित मेडिकल उपकरण घोटाले की चल रही जांच के बीच सामने आया है।

PMO की एंट्री और बाजार मूल्य से अधिक दाम पर खरीद

4 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने हस्तक्षेप किया और दिल्ली सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी। यह रिपोर्ट विशेष रूप से 448 पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के संबंध में है जो कथित तौर पर उपयोग नहीं की जा रही हैं और धूल फांक रही हैं। जांच में पता चला है कि ORS के पैकेट ₹15 प्रति पीस की दर से खरीदे गए, जबकि बाजार मूल्य ₹2.05 से ₹2.50 था। इसी तरह, पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें ₹33 लाख प्रति यूनिट की दर से खरीदी गईं, जबकि अनुमानित बाजार मूल्य ₹10 लाख था। इसके अलावा, चादरें ₹450 प्रति पीस के हिसाब से खरीदी गईं, जबकि बाजार कीमत करीब ₹150 थी।

अधिकारियों पर कार्रवाई और जांच एजेंसियों की एंट्री

केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) जैसी संस्थाओं द्वारा टेंडर शर्तों, खरीद प्रक्रियाओं और तकनीकी विनिर्देशों में कथित हेरफेर की जांच की जा रही है, जिसमें विशेष फर्मों को पक्षसाजी देने के आरोप हैं। उपराज्यपाल के निर्देशों के बाद, दिल्ली सरकार ने Central Civil Services (Classification, Control and Appeal) Rules, 1965 के नियम 10(1) के तहत 2 अगस्त 2026 को पूर्व DGHS डॉ. वत्सला अग्रवाल और पूर्व CPA प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा को निलंबित कर दिया। इससे पहले 28 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग के सात अन्य कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया था। एंटी-कोरप्शन ब्रांच (ACB) ने कई एफआईआर दर्ज की हैं, और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 25-26 जून 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर विस्तृत वित्तीय रिकॉर्ड मांगे हैं।

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