700 करोड़ का मेडिकल घोटाला: दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सचिव रूपेश कुमार ठाकुर को पद से हटाया

Kittu Kumari8 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
700 करोड़ का मेडिकल घोटाला: दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सचिव रूपेश कुमार ठाकुर को पद से हटाया

दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए स्वास्थ्य सचिव रूपेश कुमार ठाकुर को उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई 8 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी गई है। उनकी जगह वरिष्ठ अधिकारी प्रशांत गोयल को स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह बड़ा कदम उस समय आया है जब विभाग में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में हुए करीब 700 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच चल रही है।

इस पूरे मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने रूपेश कुमार ठाकुर से जवाब मांगा। मंत्री ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि जिन कंपनियों के खिलाफ 2024 में घटिया सामग्री सप्लाई करने के लिए FIR दर्ज की गई थी, वे अब भी सरकारी अस्पतालों को सामान दे रही थीं। इसके अलावा, स्वास्थ्य सचिव को जरूरी दवाओं और कंज्यूमेबल्स की खरीद के लिए एक्शन प्लान जमा न करने के कारण पहले एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

ACB और ED की जांच में बड़ा खुलासा

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस घोटाले की परतें अब धीरे-धीरे खुल रही हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने 16 सितंबर 2026 को 12,000 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाओं डॉ. वत्सला अग्रवाल, पूर्व CPA अधिकारी डॉ. विनोद कुमार रंगा और पूर्व डिप्टी कंट्रोलर नीरज चोपड़ा सहित कुछ निजी कंपनियों (M/s F-Med Devices और M/s M Sahib and Sons Pvt. Ltd.) को नामजद किया गया है। दिल्ली सरकार ने 30 सितंबर को इन तीनों पूर्व अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।

जांच की आंच अब विदेश तक भी पहुंची है। कथित मास्टरमाइंड और फार्मास्युटिकल वितरक राजीव रंगीला को अमेरिका से लौटने के बाद 26 सितंबर को ACB की चार दिन की कस्टडी में लिया गया था। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी 25 जून 2026 को इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है, जिसमें घोटाले की राशि 600 से 650 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान लगाया गया है।

हालांकि, इस कानूनी लड़ाई में कुछ खामियां भी सामने आई हैं। 1 अक्टूबर 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विद्या प्रकाश ने ACB की जांच में प्रक्रियात्मक गलतियों की ओर इशारा किया। कोर्ट ने बिना तारीख वाले बयानों और केस डायरी में डुप्लीकेट प्रविष्टियों जैसे मुद्दों को लेकर नाराजगी जताई और जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Share:

Comments

Leave a comment