दिल्ली में बढ़ते फ्लू और डेंगू के मामलों पर स्वास्थ्य मंत्री ने बुलाई बैठक, दिए कड़े निर्देश

दिल्ली में मौसमी फ्लू, एच1एन1, डेंगू और मलेरिया के मामलों की समीक्षा के लिए मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि स्वास्थ्य तंत्र लगातार निगरानी रख रहा है और पूरी तरह तैयार है (Source)।
आंकड़े और विशेषज्ञों की जानकारी
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल दिल्ली में एच1एन1 के 2,308 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि इन्फ्लूएंजा ए और बी के कुल मामले लगभग 3,000 तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा, शहर में 570 डेंगू के मामले और 215 मलेरिया के मामले सामने आए हैं, हालांकि इन बीमारियों से अब तक किसी भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान एच1एन1 स्ट्रेन (A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09-like virus) साल 2025 से ही circulation में है और यह कोई नया खतरा नहीं है।
एंटी-लार्वल गतिविधियों और अस्पतालों की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने एमसीडी, एनडीएमसी और दिल्ली छावनी के अधिकारियों को स्कूलों और अस्पतालों के पास एंटी-लार्वल अभियान, स्प्रे और फॉगिंग तेज करने के कड़े निर्देश दिए हैं। नगर निगम के मैदानी कर्मचारियों को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी स्थिति पर नजर रखने के लिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, और शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को श्वसन स्वच्छता, उचित वेंटिलेशन और खुद से दवा लेने से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। सफदरजंग अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों ने पुष्टि की है कि वे पर्याप्त बेड, दवाओं और आईसीयू सुविधाओं से लैस हैं। सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं और स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी दी है कि मरीज को भर्ती करने से मना करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।