दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जीबी पंत अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश

नई दिल्ली, 23 सितंबर: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को जीबी पंत अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की। इस खबर से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- अस्पताल प्रशासन ने मंत्री को बताया कि 95-97 प्रतिशत दवाएं उपलब्ध हैं।
- स्वास्थ्य मंत्री ने शत-प्रतिशत आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज और सुविधाओं का फीडबैक लिया गया।
दवा स्टोर और फार्मेसी का निरीक्षण
बुधवार को निरीक्षण के दौरान, स्वास्थ्य मंत्री ने दवा स्टोर और फार्मेसी का जायजा लिया। अस्पताल प्रशासन ने मंत्री को जानकारी दी कि लगभग 95 से 97 प्रतिशत दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं। मंत्री सिंह ने अस्पताल प्रशासन को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने और आवश्यक दवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आते हैं जिनका यहां की सेवाओं और सुविधाओं में पूरा भरोसा है।
वैकल्पिक दवाओं और बेहतर तालमेल पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी और दवा भंडारण क्षेत्रों में जाकर खुद दवाओं की उपलब्धता की रैंडम जांच की। निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि यदि किसी विशेष ब्रांड की दवा खत्म हो जाती है, तो उसी सॉल्ट या जेनेरिक कंपोजीशन के दूसरे ब्रांड उपलब्ध हैं। मंत्री ने डॉक्टरों और फार्मासिस्टों को इस मामले में बेहतर तालमेल रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टर द्वारा लिखी गई कोई विशेष दवा उपलब्ध नहीं है, तो मरीजों को चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त होने पर उसी सॉल्ट वाली वैकल्पिक दवाओं की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।
वार्डों का दौरा और मरीजों से बातचीत
अस्पताल के अपने दौरे के दौरान, मंत्री ने विभिन्न वार्डों का भी दौरा किया। उन्होंने इलाज, दवाओं की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं पर फीडबैक लेने के लिए मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत की। उन्होंने यह भी पूछताछ की कि क्या मरीजों को समय पर दवाइयां मिल रही हैं और उन्हें चिकित्सा सेवाओं तक पहुंचने में किसी परेशानी का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ चर्चा
स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों के साथ बैठक कर चर्चा की और मरीजों के लिए की गई सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दवा के स्टॉक को लेकर सतर्क रहने और मौजूदा स्टॉक खत्म होने से पहले समय पर नई खरीद सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।