Delhi Health Minister का बड़ा एक्शन, मेडिसिन और इक्विपमेंट खरीद घोटाले में Health Secretary को शो-कॉज नोटिस

दिल्ली सरकार अपने अस्पतालों में दवाइयों और उपकरणों की खरीद के तरीके में बड़े बदलाव कर रही है, जो एक मल्टी-करोड़ फ्रॉड की जांच के बाद हो रहा है। 6 अगस्त 2026 को दिल्ली Health Department ने Directorate of Vigilance को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) पर WHO-फॉर्मूला ORS, हैंडहेल्ड अल्ट्रा-पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन और हॉस्पिटल-ग्रेड बेडशीट जैसी चीजों के लिए ओवरप्राइजिंग के आरोपों को खारिज किया गया। रिपोर्ट में Centre के Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल के डेटा का हवाला दिया गया, जिसमें दावा किया गया कि खरीद अन्य राष्ट्रीय सरकारी संस्थानों की दरों के बराबर या उससे कम दरों पर की गई थी। उदाहरण के लिए, ORS सैशे ₹8.69 प्रति सैशे (pre-GST) और हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें ₹32.98 लाख प्रति यूनिट की दर से खरीदी गईं, जो सबसे कम तुलनात्मक सरकारी खरीद कीमतों के अनुरूप हैं। विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि टेंडर विनिर्देशों और गुणवत्ता मानकों की जांच किए बिना केवल कीमत की तुलना करना अपर्याप्त है।
- Delhi Health Department ने 6 अगस्त 2026 को Vigilance Directorate को सौंपी रिपोर्ट, ओवरप्राइजिंग के आरोप खारिज।
- Health Minister Pankaj Kumar Singh ने Health Secretary Rupesh Thakur को जारी किया शो-कॉज नोटिस।
- 2024 की FIR में शामिल 'substandard' सर्जिकल सामग्री वाली कंपनियों के कथित तौर पर अब भी शामिल होने पर मांगा गया स्पष्टीकरण।
- 9 अगस्त 2026, शुक्रवार तक मांगी गई पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट (detailed factual report)।
Health Minister Pankaj Kumar Singh का सख्त कदम और नोटिस जारी
इन स्पष्टीकरणों के बावजूद, दिल्ली के Health Minister Pankaj Kumar Singh ने 6-7 अगस्त 2026 को कई कदम उठाए। Minister Singh ने खरीद में कथित अनियमितताओं और आवश्यक चिकित्सा Supplies प्राप्त करने में लगातार देरी को लेकर Delhi Health Secretary Rupesh Thakur को एक शो-कॉज नोटिस जारी किया, जिससे कथित तौर पर हेल्थकेयर सर्विसेज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। मंत्री ने वित्तीय विवरण, वेंडर की जानकारी और ORS, एक्स-रे मशीनों और बेडशीट जैसी विवादित वस्तुओं के लिए तुलनात्मक खरीद डेटा सहित दस्तावेजी साक्ष्य के साथ एक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट की मांग की। उन्होंने Union Health Secretary Rupesh Thakur से भी लागत बढ़ाने के आरोपों को स्वीकार करने और उन्हें संदर्भित करने के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा।
सबस्टैंडर्ड सर्जिकल सामग्री की खरीद पर भी मांगा गया स्पष्टीकरण
इस मामले को और आगे बढ़ाते हुए, 7 अगस्त 2026 को एक नई शिकायत के बाद Minister Singh ने Health Secretary Thakur से स्पष्टीकरण मांगा। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 की एक FIR में पहले से नामित 13 कंपनियों में से कुछ, जिन पर 'substandard' सर्जिकल सामग्री की आपूर्ति करने का आरोप था, कथित तौर पर अभी भी सरकारी अस्पतालों के लिए खरीद में शामिल हैं। यह व्यापक तथ्यात्मक रिपोर्ट शुक्रवार, 9 अगस्त 2026 तक देनी है, क्योंकि अधिकारियों और प्राइवेट Suppliers से जुड़े कथित टेंडर में हेरफेर, फर्जी फर्मों के निर्माण और बढ़ी हुई कीमतों की जांच जारी है।