विनेश फोगाट केस: दिल्ली हाई कोर्ट ने WFI को 2 हफ्ते में फैसला लेने का दिया आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट ने WFI को विनेश फोगाट के खिलाफ जारी शो-कॉज नोटिस पर 2 हफ्ते में फैसला लेने का आदेश दिया है।

भारतीय कुश्ती जगत की चर्चित खिलाड़ी विनेश फोगाट को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने विनेश फोगाट disciplinary case को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय कुश्ती संघ (WFI) को निर्देश दिया है कि वह विनेश को भेजे गए दो शो-कॉज नोटिस पर अगले दो हफ्तों के भीतर अपना अंतिम निर्णय सुनाए। जस्टिस अमित महाजन ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक शांति और बेहतर मानसिक स्थिति बेहद जरूरी है, ताकि वह खेल के मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।
विनेश फोगाट की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव ने अदालत को बताया कि विनेश को डर है कि अगर टूर्नामेंट से ठीक पहले उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल फैसला आता है, तो उनके पास कानूनी रास्ता अपनाने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचेगा। यह चिंता जायज थी, क्योंकि विनेश दिसंबर के मध्य में होने वाले एक नेशनल टूर्नामेंट की तैयारी कर रही हैं।
क्या है पूरा विवाद और आरोप?
पूरा मामला मई और जून 2026 में जारी किए गए दो शो-कॉज नोटिसों से जुड़ा है। WFI ने विनेश पर अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन और 2026 एशियाई खेलों के चयन ट्रायल के दौरान कदाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। 9 मई के नोटिस में विशेष रूप से यह कहा गया था कि विनेश ने यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की एंटी-डोपिंग गाइडलाइंस का पालन नहीं किया, जिसके तहत रिटायरमेंट से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए छह महीने का अनिवार्य नोटिस पीरियड होता है।
अदालत ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है। जस्टिस महाजन ने साफ किया कि यदि WFI तय दो हफ्ते की समय सीमा के भीतर अपना फैसला नहीं सुनाता है, तो फेडरेशन द्वारा की गई कोई भी अगली कार्रवाई तब तक स्थगित रहेगी, जब तक कि इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी 2027 को नहीं हो जाती।
बता दें कि विनेश और WFI के बीच विवाद काफी समय से चल रहा है। मई 2026 में WFI ने नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी की आवश्यकताओं को पूरा न करने और एक टेस्ट मिस करने के कारण विनेश को अपात्र घोषित कर दिया था। इससे पहले सितंबर 2026 में कोर्ट ने सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप चयन ट्रायल के लिए पात्रता मानदंडों से छूट देने की उनकी अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया था।