विजय देवरकोंडा के डीपफेक पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, AI कंटेंट हटाने का आदेश

Kittu Kumari10 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
विजय देवरकोंडा के डीपफेक पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, AI कंटेंट हटाने का आदेश

दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा के व्यक्तित्व और उनकी छवि के साथ हो रही छेड़छाड़ पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने एक्टर के 'पर्सनालिटी राइट्स' की रक्षा करते हुए एक अंतरिम आदेश जारी किया है, जिसके तहत उनके नाम, आवाज और चेहरे का गलत इस्तेमाल करने वाले सभी AI डीपफेक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया गया है।

जस्टिस विकास महाजन ने इस मामले की सुनवाई करते हुए मेटा, गूगल और एक्स (ट्विटर) जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया है कि वे ऐसे सभी वीडियो, रील्स, पोस्ट और अकाउंट्स को तुरंत हटा दें, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीपफेक या फेस-मॉर्फिंग तकनीक का इस्तेमाल कर एक्टर की नकल की गई है।

इन चीजों के गलत इस्तेमाल पर लगी रोक

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विजय देवरकोंडा के नाम के किसी भी वर्जन, जैसे "Vijay Deverakonda", "Vijay Devarakonda", "Vijay Sai Deverakonda" या उनके शॉर्ट नाम "VD" का अनधिकृत उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके अलावा उनकी आवाज, सिग्नेचर, फैशन स्टाइल, तस्वीरों और फिल्मों के प्रदर्शन को भी इस सुरक्षा दायरे में रखा गया है।

अदालत ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस और डोमेन रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि नोटिस मिलने के 72 घंटों के भीतर उल्लंघन करने वाली वेबसाइट्स को सस्पेंड करें और अनधिकृत मर्चेंडाइज को हटा दें। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के जरिए ऐसी साइट्स को ब्लॉक करने को कहा गया है।

एक्टर की ओर से सीनियर एडवोकेट स्वाति सुकुमार ने दलील दी थी कि उनकी छवि का व्यावसायिक शोषण किया जा रहा है और फर्जी एंडोर्समेंट के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है। जस्टिस महाजन ने माना कि यह एक गंभीर मामला है और अगर उनकी छवि को नुकसान पहुँचा, तो उसकी भरपाई केवल पैसों से नहीं की जा सकती।

हालांकि, कोर्ट ने अकेले "Rowdy" शब्द के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन अगर इस शब्द के साथ AI द्वारा बनाई गई एक्टर की तस्वीर का इस्तेमाल होता है, तो उसे व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई अब 2 फरवरी, 2027 को होगी।

Share:

Comments

Leave a comment