दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: यूक्रेन नागरिकों की आतंकी जांच बढ़ाने की याचिका खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को ANIDEL म्यांमार आतंकी ट्रेनिंग मामले में छह यूक्रेनी नागरिकों की याचिका का निपटारा कर दिया। अालत ने फैसला सुनाया कि यह अपील नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (NIA) एक्ट के तहत सुनवाई योग्य नहीं है। यह जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।
- छह यूक्रेनी नागरिकों ने हिरासत और जांच अवधि बढ़ाने को दी थी चुनौती।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने अपील को NIA एक्ट के तहत गैर-मान्य बताया।
- याचिकाकर्ताओं में याचिकाकर्ता हुरबा पेट्रो भी शामिल हैं।
UAPA के तहत जांच का आदेश
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) की धारा 43D(2) के तहत जांच का समय बढ़ाना एक अंतरिम आदेश है। यह NIA एक्ट की धारा 21 के तहत अपील करने योग्य नहीं है। हालांकि, अदालत ने कहा कि इस आदेश को Criminal Procedure Code (CrPC) की धारा 482 या Bharatiya Nyaya Sanhita (BNSS) की धारा 528 के तहत चुनौती दी जा सकती है।
याचिका को रिट याचिका में बदलने का निर्देश
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि इस अपील को संबंधित रोस्टर बेंच के सामने विचार के लिए एक रिट याचिका के रूप में दोबारा नंबर दिया जाए। अप्रैल 2026 में NIA ने छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं। इन नागरिकों ने NIA के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें जांच की अवधि को शुरुआती 90 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया था।
अदालत में प्रतिनिधित्व
अदालत की कार्रवाई के दौरान इन सभी अपीलकर्ताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट नित्या रामा कृष्णन पेश हुईं और उनका पक्ष रखा। यह पूरा मामला ANIDEL म्यांमार आतंकी ट्रेनिंग से जुड़ा हुआ है जिसमें यूक्रेन के ये नागरिक शामिल हैं।