दिल्ली हाईकोर्ट डीपफेक तस्वीर हटाने की याचिका पर सुनवाई को हुआ तैयार

दिल्ली हाईकोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महिला की कथित मॉर्फ्ड या डीपफेक तस्वीर को हटाने और ब्लॉक करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है। यह याचिका जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान इस तस्वीर के प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर प्रसार से जुड़ी है। याचिका में सौरभ दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को प्रतिवादी बनाया गया है। अदालत को बताया गया कि इस मामले में साइबर पुलिस स्टेशन नई दिल्ली में 24 सितंबर 2026 को आईटी एक्ट और बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
पुलिस सुरक्षा और जांच की मांग
याचिकाकर्ता महिला ने अपनी जान और शारीरिक सुरक्षा के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की है। याचिका में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मेटा को इस आपत्तिजनक सामग्री को हटाने और ब्लॉक करने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसके अलावा, पॉर्नोग्राफिक वेबसाइट्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स से इस सामग्री को हटाने तथा एफआईआर की त्वरित जांच करने और डिजिटल ट्रेल का पता लगाने की मांग की गई है। महिला का आरोप है कि उसकी तस्वीर का बिना सहमति के एआई तकनीक से दुरुपयोग किया गया है।
धमकी और अन्य कानूनी मामले
महिला ने आरोप लगाया है कि इस सामग्री के प्रसार के बाद उसे धमकी भरे और अपमानजनक संदेश भेजे गए, जिसके बाद उसने अधिकारियों से सुरक्षा मांगी। यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 226 और बीएनएसएस की धारा 528 के तहत दायर की गई है। यह मामला जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शनों से जुड़े अन्य कानूनी मामलों के बीच सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में CJP सदस्यों से जुड़े अन्य मामलों पर भी सुनवाई की है।