Jio ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल: दिल्ली हाई कोर्ट ने 126 वेबसाइट्स को सस्पेंड करने का दिया आदेश

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मशहूर ब्रांड 'Jio' के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट ने उन 126 वेबसाइट्स को सस्पेंड करने का निर्देश दिया है, जो कथित तौर पर Jio ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर लॉटरी और गेमिंग जैसी सेवाएं चला रही थीं। जस्टिस पुरुषइंद्र कुमार कौरव ने यह अंतरिम आदेश रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा दायर एक ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले की सुनवाई के दौरान दिया।
अदालत ने न केवल इन वेबसाइट्स को बंद करने का आदेश दिया, बल्कि उनके ऑपरेटरों को Jio या उससे मिलते-जुलते किसी भी नाम का इस्तेमाल करने से भी रोक दिया है। कोर्ट ने गूगल को भी निर्देश दिया है कि वह अपने 'ब्लॉगर' प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए गए एक आपत्तिजनक वेबपेज को तुरंत हटाए और उसकी एक्सेस बंद करे।
'रोग वेबसाइट' की श्रेणी में आईं ये साइट्स
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अदालत को बताया कि 'Jio' ट्रेडमार्क पर उनका कानूनी और विशेष अधिकार है। कंपनी का आरोप है कि कई लोग इस नाम का इस्तेमाल कर लॉटरी, गेमिंग और पेमेंट से जुड़ी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे आम जनता भ्रमित हो सकती है और कंपनी की व्यावसायिक साख को नुकसान पहुँच रहा है। कोर्ट ने इन वेबसाइट्स की जांच के बाद पाया कि ये 'रोग वेबसाइट' (Rogue Website) की श्रेणी में आती हैं, जो मुख्य रूप से धोखाधड़ी या उल्लंघन के उद्देश्य से बनाई गई थीं।
अदालत ने डोमेन नाम रजिस्ट्रारों को आदेश दिया है कि वे इन वेबसाइट्स को तब तक सस्पेंड रखें जब तक कि आगे के आदेश न दिए जाएं। इस सूची में 'Jio Lottery' और 'Jio Lottery Game' जैसे नामों वाले डोमेन शामिल हैं। साथ ही, रजिस्ट्रारों को इन वेबसाइट्स के मालिकों की संपर्क, बिलिंग और भुगतान संबंधी जानकारी साझा करने का निर्देश भी दिया गया है।
इस मामले में केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और दूरसंचार विभाग को भी प्रतिवादी बनाया गया है। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को तय की है, जबकि 10 दिसंबर को दस्तावेजों की जांच के लिए इसे जॉइंट रजिस्ट्रार के सामने रखा जाएगा।