दिल्ली हाई कोर्ट ने डायरेक्टर ऑफ प्रोसिक्यूशन की सैलरी से रिकवरी पर लगाई रोक
दिल्ली हाई कोर्ट ने डायरेक्टर ऑफ प्रोसिक्यूशन की सैलरी से 5000 रुपये की कटौती पर रोक लगाई और सरकारी वकीलों की भारी कमी पर चिंता जताई।

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए डायरेक्टर ऑफ प्रोसिक्यूशन मकसूद अहमद की सैलरी से 5,000 रुपये की लागत (cost) वसूलने पर रोक लगा दी है। यह मामला तब शुरू हुआ जब तीस हजारी कोर्ट के एक एडिशनल सेशन जज ने यह आदेश दिया था कि कोर्ट में सुबह 11:30 बजे तक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की अनुपस्थिति के कारण यह राशि डायरेक्टर की सैलरी से काटी जाए।
जस्टिस गिरीश कथपालिया ने इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक किसी व्यक्ति के खिलाफ कदाचार या जानबूझकर की गई गलती (malfeasance or misfeasance) साबित न हो, तब तक उस पर व्यक्तिगत वित्तीय जिम्मेदारी डालना प्रथम दृष्टया अनुचित है। हालांकि, अदालत ने डायरेक्टर की सैलरी से कटौती पर तो रोक लगा दी, लेकिन राज्य सरकार पर लगाई गई कुल लागत के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया।
सरकारी वकीलों की भारी कमी से जूझ रही दिल्ली की अदालतें
सुनवाई के दौरान जस्टिस कथपालिया ने दिल्ली की न्याय प्रणाली पर बढ़ते दबाव और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स की 'पुरानी' कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने माना कि वकीलों की इस कमी की वजह से जमानत याचिकाओं और आपराधिक मामलों के निपटारे में काफी देरी हो रही है।
- खाली पद: आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 तक अभियोजकों के कुल 507 स्वीकृत पदों में से 216 पद खाली हैं, यानी करीब 42% शॉर्टेज है।
- पेंडिंग केस: 30 सितंबर 2026 तक दिल्ली की जिला अदालतों में 3,02,477 आपराधिक मामले लंबित हैं।
- भर्ती प्रक्रिया: इस संकट को दूर करने के लिए UPSC ने 140 असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पदों के लिए विज्ञापन निकाला है और निदेशालय ने 50 संविदात्मक (contractual) पदों को खोला है।
मकसूद अहमद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने बताया कि रिक्तियों के इस मुद्दे की समीक्षा वर्तमान में हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच द्वारा की जा रही है। वहीं, दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने भी हाल ही में निदेशालय के कामकाज की समीक्षा की थी और मामलों के निपटारे की दर बढ़ाने तथा तारीखों (adjournments) को कम करने पर जोर दिया था। इस मामले की अगली सुनवाई अब 3 फरवरी 2027 को होगी।