नेताजी नगर के 50 साल पुराने मंदिर को बचाने की कोशिश, दिल्ली हाई कोर्ट ने डिमोलिशन नोटिस पर लगाई रोक

दिल्ली के नेताजी नगर इलाके में स्थित करीब 50 साल पुराने शिव शक्ति मंदिर पर मंडरा रहा खतरे का बादल फिलहाल छंट गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मंदिर को गिराने और खाली कराने के नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले से मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब NBCC ने 1 अक्टूबर 2026 को मंदिर को हटाने और खाली करने का एक नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के खिलाफ मंदिर के पुजारी संदीप कुमार भाटिया ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस अमित महाजन की अदालत ने 13 अक्टूबर 2026 को इस मामले की सुनवाई करते हुए नोटिस के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी।
नोटिस में कानूनी खामियों का लगाया आरोप
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकीलों—अमित कुमार, खुशबू शर्मा और कार्तिक ने दलील दी कि NBCC द्वारा जारी किया गया नोटिस कानूनी तौर पर गलत है। याचिका में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को उठाया गया:
- मंदिर प्रशासन को कोई भी 'कारण बताओ नोटिस' (Show-cause notice) जारी नहीं किया गया था।
- नोटिस पर किसी सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर या आधिकारिक मोहर नहीं थी।
- संबंधित धार्मिक समिति (Religious Committee) से मंजूरी मिलने का कोई प्रमाण नोटिस में नहीं दिया गया था।
इन दलीलों को सुनने के बाद जस्टिस महाजन ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दूसरी तरफ, प्रतिवादी अधिकारियों ने मामले में निर्देश लेने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर 2026 को होगी, तब तक मंदिर को गिराने वाले नोटिस पर रोक जारी रहेगी।