Delhi High Court का बड़ा फैसला: Dabur के '100%' प्रोडक्ट क्लेम मामले में FSSAI के आदेश पर लगी रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर इंडिया लिमिटेड (Dabur India Ltd.) को बड़ी राहत दी है। अदालत ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें कंपनी को अपने कई फूड प्रोडक्ट्स पर '100%' दावे (Claims) के इस्तेमाल से रोका गया था। यह अंतरिम राहत एक जरूरी सुनवाई के दौरान दी गई है। अदालत ने ध्यान दिया कि डाबर दशकों से इन लेबल के तहत अपने प्रोडक्ट्स बेच रही है और कंपनी ने अंतरिम राहत के लिए एक प्रथम दृष्टया (Prima Facie) मामला बनाया है।
डाबर ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती
डाबर ने FSSAI के आदेश को चुनौती देते हुए कोर्ट का रुख किया था। कंपनी ने तर्क दिया कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है क्योंकि प्रतिबंध लगाने से पहले कंपनी को कोई कारण बताओ नोटिस (Show-cause notice) जारी नहीं किया गया था और न ही पक्ष रखने का मौका दिया गया था। कंपनी ने FSSAI के इस तरह के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने के अधिकार पर भी सवाल उठाया। डाबर का कहना था कि प्रवर्तन कार्रवाई के सार्वजनिक खुलासे से उसकी प्रतिष्ठा और ब्रांड इमेज पर बुरा असर पड़ा है। FSSAI के आदेश में डाबर को तुरंत उत्पादों की बिक्री रोकने, 15 दिनों के भीतर बाजार से उत्पाद वापस मंगाने और एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया था।
FSSAI के निर्देश और नियम
FSSAI का निर्देश खाद्य कारोबारियों को प्रोडक्ट पैकेजिंग पर "100% Pure", "100% Natural" और "100% Purity Guaranteed" जैसे पूर्ण (Absolute) दावों का उपयोग करने से रोकने के लिए था। नियामक का तर्क था कि ऐसे दावे अस्पष्ट, साबित करने में मुश्किल और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले होते हैं। नियामक ने कई उल्लंघनों का हवाला दिया था। इसमें डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर बिना वैध FSSAI ऑर्गेनिक समर्थन के जैविक भारत लोगो (Jaivik Bharat Logo) का प्रदर्शन शामिल था। इसके अलावा, डाबर होममेड कोकोनट मिल्क पर "100% purity" दावा था, जो मिश्रित खाद्य उत्पादों (Compound food products) के लिए अनुमति प्राप्त नहीं है। FSSAI का कहना था कि ये दावे खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन करते हैं और नियामक ने पहले भी डाबर को इन भ्रामक दावों के संबंध में नोटिस जारी किया था।