PepsiCo और Monster को बड़ी राहत: दिल्ली हाई कोर्ट ने FSSAI के आदेश पर लगाई रोक

एनर्जी ड्रिंक्स की दुनिया की दिग्गज कंपनियों PepsiCo और Monster Beverages के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। कोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें इन कंपनियों को अपने उत्पादों से 'एनर्जी ड्रिंक' (Energy Drink) शब्द हटाने का निर्देश दिया गया था। इस फैसले के बाद अब ये कंपनियां अपने मौजूदा स्टॉक को बाजार में बेच सकेंगी।
अदालत की यह राहत अस्थायी है और अगली सुनवाई 5 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। जस्टिस अमित महाजन ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल मौजूदा स्टॉक को बेचने की अनुमति देता है; कंपनियां 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल के साथ नए उत्पाद नहीं बना सकती हैं। गौरतलब है कि PepsiCo 'स्टिंग एनर्जी' और 'एड्रेनालिन रश' बनाती है, जबकि मॉन्स्टर बेवरेजेस 'मॉन्स्टर एनर्जी' की बिक्री करती है।
क्या है पूरा विवाद और कोर्ट की टिप्पणी
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब FSSAI ने इन कंपनियों को निर्देश दिया कि वे अपने उत्पादों से 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द हटा दें। रेगुलेटर ने देश भर के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को ऐसे उत्पादों को जब्त करने और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे। कंपनियों ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
- PepsiCo का पक्ष: कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप Sethi ने दलील दी कि उनके पास उत्पाद बनाने का वैध लाइसेंस है और 'एनर्जी ड्रिंक' शब्द हटाने की कोई भी सहमति विरोध के तहत दी गई थी।
- FSSAI का दावा: रेगुलेटर के वकील ने कोर्ट को बताया कि जुलाई में उद्योग जगत के साथ हुई बैठक में इस शब्द को हटाने पर सहमति बनी थी, जिसकी जानकारी अन्य मामलों में नहीं दी गई।
इसी दिन कोर्ट ने रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के 'कैम्पा एनर्जी ड्रिंक' मामले में भी FSSAI के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने पाया कि रिलायंस को बिना किसी कारण बताओ नोटिस या सुनवाई का मौका दिए बिना ही यह निर्देश जारी कर दिया गया था। जस्टिस महाजन ने यह भी कहा कि चूंकि कैम्पा और रेड बुल के मामलों में पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं, इसलिए FSSAI सुधार के लिए उचित आवेदन दे सकता है।