Campa Energy Drink: दिल्ली हाई कोर्ट ने FSSAI के आदेश पर लगाई रोक, रिलायंस को मिली राहत

रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) के लिए एक बड़ी कानूनी जीत सामने आई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें कंपनी को अपने उत्पाद 'Campa Energy Drink – Gold Boost' से "Energy Drink" शब्द हटाने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस अमित महाजन ने इस मामले की सुनवाई करते हुए FSSAI के जून और जुलाई के निर्देशों पर अंतरिम रोक लगा दी है।
दरअसल, FSSAI ने 30 जून को एक आदेश जारी किया था, जिसमें रिलायंस को अपने ड्रिंक से "एनर्जी ड्रिंक" का विवरण हटाने को कहा गया था। इसके बाद 17 जुलाई को एक और पत्र जारी कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को इस आदेश को लागू करने के निर्देश दिए गए थे। रिलायंस ने इन दोनों ही फैसलों को अदालत में चुनौती दी थी।
प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन
अदालत में रिलायंस की ओर से दलील दी गई कि FSSAI ने यह फैसला लेते समय 'प्राकृतिक न्याय' (Natural Justice) के सिद्धांतों की अनदेखी की। कंपनी का कहना था कि उसे कोई कारण बताओ नोटिस (Show-cause notice) नहीं दिया गया और न ही अपनी बात रखने का कोई मौका मिला, जबकि प्रशासनिक फैसलों में प्रभावित पक्ष की सुनवाई जरूरी होती है। कोर्ट ने इस बात पर गौर किया और पाया कि बिना उचित प्रक्रिया के निर्देश जारी किए गए थे।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रेगुलेटर से इस प्रक्रिया पर सवाल भी पूछे। यह विवाद मुख्य रूप से कैफीन युक्त पेय पदार्थों के लिए "एनर्जी ड्रिंक" शब्द के इस्तेमाल को लेकर है। कोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि जब तक यह मामला लंबित है, तब तक रिलायंस को अपने उत्पाद से यह लेबल हटाने की जरूरत नहीं होगी।
बता दें कि यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि FSSAI के इस तरह के निर्देशों के खिलाफ अन्य पेय कंपनी भी दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी हैं। रिलायंस की तरफ से सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी ने पैरवी की।