दिल्ली हाईकोर्ट ने शराफत शेख के निष्कासन आदेश पर लगाई रोक, पुलिस से मांगा स्टेटस रिपोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शराफत शेख के खिलाफ जारी निष्कासन आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत ने जून 2026 में जारी इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। जस्टिस संजीव नरूला ने अगली सुनवाई तक निष्कासन आदेश पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी। सुनवाई के दौरान शराफत शेख के वकील ने अदालत को बताया कि उनका मुक्किल स्टेज IV कैंसर से पीड़ित है। साकेत के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। उनकी मेडिकल स्थिति को देखते हुए उनके लिए दिल्ली छोड़ना बहुत मुश्किल होगा। वकील ने यह भी बताया कि छह महीने के निष्कासन आदेश में से तीन महीने पहले ही बीत चुके हैं। सभी दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अंतरिम राहत दी है। दिल्ली पुलिस की तरफ से वकील ऋत्विक पेश हुए। शेख के वकील ने यह भी बताया कि मेडिकल स्थिति को देखते हुए उन्हें मकोका से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मिल चुकी है। दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले को छोड़कर उनके खिलाफ कोई अन्य मामला लंबित नहीं है। हाईकोर्ट ने उनकी नियमित जमानत अर्जी पर भी स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। शेख पर पहले एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज किए गए थे। उनके वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि उन मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया था। 3 सितंबर के एक पुराने आदेश में हाईकोर्ट ने दर्ज किया था कि शेख मेटास्टैटिक स्टेज IV गॉल ब्लैडर एडेनोकार्सिनोमा से पीड़ित हैं और उनकी कीमोथेरेपी चल रही है। अदालत ने यह भी दर्ज किया था कि दिल्ली कैंट एफआईआर के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। यह राहत उन्हें जांच में शामिल होने और सहयोग करने की शर्त पर दी गई थी। ताजा आदेश निष्कासन कार्यवाही को दी गई चुनौती से संबंधित है। अदालत से जुड़ी अन्य आपराधिक कार्रवाइयों और जमानत याचिका की स्थिति की भी जांच की जा रही है।