दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। यह मामला शरजील इमाम की एक याचिका से जुड़ा है। शरजील इमाम ने जेल के अंदर अपनी पीएचडी पूरी करने के लिए पेन ड्राइव में मौजूद रिसर्च मटेरियल तक पहुंच की मांग की है।
अदालत ने जेल अधिकारियों को इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान शरजील इमाम के वकील ने अदालत को बताया कि जनवरी 2020 से हिरासत में रहने से पहले इमाम अपनी पीएचडी के अंतिम वर्ष में थे।
उनके शोध का सिनॉप्सिस यूजीसी और जेएनयू द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। वकील ने सुझाव दिया कि पेन ड्राइव का डेटा बिना इंटरनेट वाले कंप्यूटर में ट्रांसफर किया जाए और जेल अधिकारियों की देखरेख में उन्हें इसकी अनुमति दी जाए।
दिल्ली पुलिस के विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने ट्रायल कोर्ट के सामने इस तरह के अनुरोध का विरोध नहीं किया था।
जेल प्रशासन ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी। एसपीपी ने कहा कि यदि सामग्री की पहचान कर ली जाए और पूरी प्रक्रिया जेल अधिकारियों की निगरानी में हो तो इस पर विचार किया जा सकता है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 के लिए तय की है।
इस बीच ट्रायल कोर्ट ने शरजील इमाम को चचेरे भाइयों की शादी में शामिल होने के लिए सात दिन की अंतरिम जमानत दी थी।
यह राहत 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक के लिए दी गई थी। अभियोजन पक्ष के विरोध के बावजूद कोर्ट ने कड़े शर्तों के साथ जमानत मंजूर की थी। शरजील इमाम पर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में यूएपीए और अन्य धाराओं के तहत आरोप दर्ज हैं।