IGI एयरपोर्ट के पास जलभराव पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, NH-48 के लिए मांगी रिपोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने 30 जुलाई 2026 को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट के पास महिपालपुर और रंगपुरी गांव के बीच नेशनल हाईवे-48 (NH-48) पर लगातार होने वाले जलभराव की समस्या पर गंभीर चिंता जताई है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की स्पेशल बेंच ने साफ कहा कि यह इलाका Gurugram और एयरपोर्ट जाने का मुख्य रास्ता है, इसलिए इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। अदालत का यह सख्त आदेश NGO 'सोशल जूरिस्ट' द्वारा दायर एक याचिका पर आया है, जिसमें बारिश के दौरान भारी जलभराव के फोटोग्राफ पेश किए गए थे।
NH-48 पर परमानेंट ड्रेनेज सॉल्यूशन के लिए मल्टी-एजेंसी को निर्देश
अदालत ने शहर के अधिकारियों को प्रभावित NH-48 स्ट्रेच पर एक समर्पित स्टॉर्म वाटर ड्रेन (तूफानी पानी की नाली) बनाने की संभावनाओं की जांच करने का निर्देश दिया है। दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव की देखरेख में काम करने वाली स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ 3 से 7 अगस्त 2026 के बीच एक बैठक करने को कहा गया है। इस पूरी प्रक्रिया में MCD, DDA, NHAI, DJB, DMRC और PWD जैसी प्रमुख एजेंसियां शामिल होंगी। टास्क फोर्स को अगली सुनवाई यानी 18 सितंबर 2026 को अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करनी होगी।
भारी बारिश और ट्रैफिक जाम के बाद आया कोर्ट का यह बड़ा फैसला
यह निर्देश 28 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुई भारी बारिश, जलभराव और ट्रैफिक जाम की खबरों के बाद आया है, जिसके चलते IMD ने शहर के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए थे। अदालत ने पहले भी नागरिक सेवाओं को संभालने में एजेंसियों द्वारा जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोपे जाने (पास द बक) और भारी भ्रम पर चिंता जताई थी। जैसा कि aninews.in ने बताया है, कोर्ट ने इस बार भी इस पुरानी समस्या के लिए एक स्थायी समाधान (Permanent Solution) की सख्त जरूरत पर जोर दिया है। वहीं, 30 जून 2026 के अपने एक पुराने आदेश में इसी बेंच ने नालों के चोक होने के पीछे लोगों में सिविक सेंस की कमी का जिक्र करते हुए MCD को कचरा फेंकने पर जुर्माना बढ़ाने का प्रस्ताव देने को कहा था।