दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शादी से नाबालिग की उम्र नहीं बढ़ती, पर्सनल लॉ पॉक्सो एक्ट को नहीं कर सकता ओवरराइड

Kittu Kumari26 September 20262 min read4 viewsDelhi Local
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शादी से नाबालिग की उम्र नहीं बढ़ती, पर्सनल लॉ पॉक्सो एक्ट को नहीं कर सकता ओवरराइड

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि शादी करने से किसी बच्चे की उम्र नहीं बढ़ जाती है। अदालत ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत वैध मानी जाने वाली शादी भी 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अभियोजन से छूट नहीं दे सकती है। न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने बिलाल और एक अन्य द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दरियागंज पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि संसद द्वारा तय की गई 18 साल की उम्र सीमा को किसी भी पर्सनल लॉ या व्यक्तिगत मामलों के आधार पर बदला नहीं जा सकता है।

मामले के तथ्यों के अनुसार, लड़की की उम्र शादी के समय 16 साल और तीन महीने थी, जबकि व्यक्ति की उम्र करीब 28 साल थी। यह मामला तब सामने आया जब प्रेगनेंसी के दौरान लड़की सरकारी अस्पताल इलाज के लिए गई। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार यौवन प्राप्त करने के बाद शादी वैध है और आपसी सहमति से बने संबंधों को आपराधिक नहीं माना जा सकता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि पर्सनल लॉ यह तय कर सकता है कि शादी हुई है या नहीं, लेकिन यह आपराधिक कानून में कोई नया अपवाद नहीं जोड़ सकता है।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि लड़की और उसके परिवार की तरफ से कोई शिकायत नहीं थी और शादी दोनों परिवारों की सहमति से हुई थी, लेकिन पॉक्सो एक्ट के तहत 18 साल से कम उम्र की् बच्ची की सहमति कानूनी रूप से मान्य नहीं होती है। डॉक्टरों को जब यह पता चला कि गर्भवती मरीज की उम्र 18 साल से कम है, तो नियम के तहत पुलिस को सूचना देना अनिवार्य था। हाईकोर्ट ने कहा कि संवैधानिक स्वतंत्रताएं बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों से छूट नहीं देती हैं, और याचिका को खारिज करते हुए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई व मुआवजे की मांग को भी ठुकरा दिया।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment