दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को राम मनोहर Lohia (RML) अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए तेज कदम उठाने का निर्देश दिया है। अदालत ने 217 नए पदों पर भर्ती और मैनपॉवर आउटसोर्सिंग के लिए टेंडर दस्तावेजों को अंतिम रूप देने का आदेश दिया है। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने नागरिक अधिकार समूह 'सोशल ज्यूरिस्ट' की याचिका पर की।
अदालत ने सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) के उस पत्र का संज्ञान लिया जिसमें कहा गया है कि छत का उपयोग किसी सार्वजनिक गतिविधि के लिए नहीं किया जाएगा।
फायर टॉवर और रैंप तक पहुंच को बाधा मुक्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने सीपीडब्ल्यूडी को निर्माण कार्य के लिए छह महीने की अवधि को कम करने पर विचार करने और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए
217 पदों के सृजन की सहमति दे दी है। अस्पताल के मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु महापात्रा ने अदालत को बताया कि वर्तमान में उपलब्ध मानव संसाधनों के साथ भी काम शुरू किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने इन 217 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने और सुरक्षा, स्वच्छता और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए
टेंडर दस्तावेजों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को तय की गई है।