दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बॉलीवुड एक्ट्रेस तब्बू के AI और डीपफेक इस्तेमाल पर रोक, 150 से ज्यादा URL हटाने के आदेश

Kittu Kumari10 August 20262 min read53 viewsNational
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बॉलीवुड एक्ट्रेस तब्बू के AI और डीपफेक इस्तेमाल पर रोक, 150 से ज्यादा URL हटाने के आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड स्टार तब्बू (तब्सुम फातिमा हाशमी) की पहचान के unauthorized इस्तेमाल को रोकने के लिए एक ex-parte interim injunction जारी किया है। यह फैसला Artificial Intelligence (AI), deepfakes, face morphing और अन्य digital technologies के जरिए उनकी पहचान के गलत इस्तेमाल से बचाने के लिए दिया गया है। 10 अगस्त 2026 को अदालत ने Google, Meta, X और Reddit जैसे बड़े digital platforms को आदेश दिया है कि वे actress से जुड़े objectionable content वाले 150 से ज्यादा URLs को remove या disable करें (Source)।

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  • दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा तब्बू की पहचान की सुरक्षा के लिए आदेश जारी।
  • Google, Meta, X और Reddit को 150 से अधिक आपत्तिजनक URLs हटाने के निर्देश।
  • मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को तय की गई है।
  • अदालत का आदेश और पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा

    दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह ने यह injunction जारी किया है, जो विशेष रूप से तब्बू के नाम, image, voice, photographs और अन्य personality attributes को सुरक्षित करता है। content removal के अलावा, अदालत ने कुछ platforms और domain service providers को problematic accounts या content से जुड़े Basic Subscriber Information और IP log details का खुलासा करने का निर्देश दिया है। यह मुकदमा तब्बू की identity के commercial exploitation के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें fake event-booking accounts, unauthorized merchandise, fabricated statements और AI-generated या manipulated obscene content शामिल हैं।

    अदालत की टिप्पणियां और आगे की तारीख

    अदालत ने तब्बू के नाम, stage name, image, voice और likeness की unique distinctiveness और instant public recognition को मान्यता दी। जस्टिस सिंह ने माना कि तब्बू ने interim injunction के लिए एक prima facie case स्थापित किया है, जिसमें balance of convenience उनके पक्ष में है और सुरक्षा न मिलने पर irreparable harm होने की अधिक संभावना है। ruling में दिल्ली हाईकोर्ट के पिछले मामलों का भी हवाला दिया गया, जिन्होंने personality rights को acknowledged और protected किया था। अदालत ने digital space में personality rights misuse से जुड़े ऐसे मामलों को संभालने के लिए एक Standard Operating Procedure (SOP) तैयार करने पर भी पहले विचार किया था। इस बड़े मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 के लिए निर्धारित की गई है।

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