दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रजत शर्मा की पर्सनल और इंडिया टीवी के कॉपीराइट के गलत इस्तेमाल पर लगाई रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने रजत शर्मा के व्यक्तित्व और इंडिया टीवी के अधिकारों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कई फेसबुक पेजों और यूट्यूब चैनलों के खिलाफ स्थायी रोक का आदेश जारी किया है। यह आदेश इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा और मूल कंपनी इंडिपेंडेंट न्यूज सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारों की रक्षा के लिए आया है। यह फैसला न्यायमूर्ति ज्योति सिंह द्वारा 24 अगस्त 2026 को पारित किया गया, जो न्यायमूर्ति अमित Bansal द्वारा 18 दिसंबर 2024 को दिए गए शुरुआती अंतरिम आदेश के बाद आया है। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News पर उपलब्ध है।
एआई और डॉक्टर्ड वीडियो का हो रहा था गलत इस्तेमाल
अदालत ने पाया कि आरोपी एआई का इस्तेमाल करके गलत वीडियो बना रहे थे। अदालत ने देखा कि आरोपी गलत जानकारी फैला रहे थे, जिसमें रजत शर्मा की आवाज, तस्वीरों और व्यक्तित्व को गलत तरीके से पेश करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया। इन कामों में रजिस्टर्ड इंडिया टीवी ट्रेडमार्क का बिना अनुमति इस्तेमाल और कॉपीराइट का उल्लंघन भी शामिल था। आरोपियों ने इस मामले में लिखित बयान दाखिल नहीं किया, जिसके चलते अदालत ने 15 जुलाई 2026 को उनका यह अधिकार समाप्त कर दिया।
मेटा और गूगल को हटाने होंगे आपत्तिजनक वीडियो
अदालत के निर्देश के अनुसार मेटा और गूगल को नियम तोड़ने वाली सामग्री को हटाना होगा। अदालत के निर्देश के तहत मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक और गूगल एलएलसी को सूचना मिलने पर आपत्तिजनक सामग्री हटानी होगी। इन प्लेटफॉर्म्स को 24 घंटे के भीतर हटाने के अनुरोध को स्वीकार करना होगा और 36 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा। एक औपचारिक तंत्र बनाया गया है जिसके तहतवादी मेटा और गूगल की कानूनी टीमों को नए मिले लिंक की जानकारी दे सकते हैं। जिन विशिष्ट संस्थाओं पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है उनमें फेसबुक पेज जैसे तमारा डॉक, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और यूट्यूब चैनल 'द इंडियन न्यूज टुडे' व 'सोने चांदी का भाव' शामिल हैं।