Drishyam: The Conclusion की पायरेसी पर दिल्ली हाई कोर्ट की रोक, 9 वेबसाइटों को दिया निर्देश

फिल्म 'Drishyam: The Conclusion' को अवैध तरीके से ऑनलाइन उपलब्ध कराने की कोशिशों पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने Digital18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए नौ वेबसाइटों को इस फिल्म की होस्टिंग, स्ट्रीमिंग या डाउनलोडिंग करने से पूरी तरह रोक दिया है। यह आदेश उन वेबसाइटों के लिए है जो बिना अनुमति के कॉपीराइट सामग्री को इंटरनेट पर उपलब्ध कराती हैं।
जस्टिस पुरुषइंद्र कुमार कौरव ने 1 अक्टूबर को यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया यह मामला अंतरिम निषेधाज्ञा (ex parte injunction) देने योग्य है। अदालत की यह टिप्पणी थी कि यदि फिल्म की पायरेसी होती है, तो इससे कंपनी को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई केवल पैसों से नहीं की जा सकेगी। इसलिए, सुविधा का संतुलन और मामला पूरी तरह से वादी (Digital18) के पक्ष में नजर आया।
पायरेसी रोकने के लिए सख्त कदम
Digital18 ने अदालत को बताया कि ये नौ वेबसाइटें पहले भी पायरेसी में शामिल रही हैं और उन्होंने 'Jolly LLB 3' जैसी फिल्मों के साथ भी ऐसा किया था। कंपनी को डर था कि 2 अक्टूबर को रिलीज होने वाली 'Drishyam: The Conclusion' को भी ये वेबसाइटें अवैध रूप से स्ट्रीम कर सकती हैं। इसी आशंका को देखते हुए कोर्ट ने इन वेबसाइटों और उनके प्रतिनिधियों को फिल्म को किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने से मना कर दिया है।
कोर्ट ने केवल रोक ही नहीं लगाई, बल्कि इंटरमीडियरीज को यह निर्देश भी दिया है कि यदि कंपनी सबूतों के साथ नोटिस देती है, तो संबंधित डोमेन नामों को 72 घंटों के भीतर सस्पेंड या ब्लॉक किया जाए। सरकारी अधिकारियों को भी इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, कोर्ट ने Digital18 को यह अनुमति भी दी है कि यदि भविष्य में कोई अन्य अज्ञात वेबसाइट इस फिल्म की पायरेसी करती है, तो वे डोमेन रजिस्ट्रार और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) से संपर्क कर उचित कार्रवाई करवा सकते हैं।