बाहरी राज्यों के गैर-BS-VI वाहनों पर पाबंदी, दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार
दिल्ली हाई कोर्ट ने बाहरी राज्यों के गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर लगी पाबंदी को हटाने से मना कर दिया है। जानें किन वाहनों पर लगेगा असर।

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर लगाई गई पाबंदी अब बरकरार रहेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब उन लाखों वाहन मालिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं जो दिल्ली से बाहर पंजीकृत हैं और उनके वाहन BS-VI मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
यह पूरा मामला पर्यावरण और वन विभाग द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन से जुड़ा है। सरकार ने प्रदूषण कम करने के उपायों के तहत यह नियम बनाया है कि 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली में उन वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा, जो बाहरी राज्यों में रजिस्टर्ड हैं और BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं।
लाखों वाहनों पर पड़ेगा असर, कोर्ट ने नहीं माना भेदभाव का तर्क
इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए फरीदाबाद के एक वकील गुरमुख दास कोहली ने याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि यह नियम भेदभावपूर्ण है क्योंकि यह वाहनों के वास्तविक उत्सर्जन स्तर के बजाय उनके पंजीकरण के स्थान के आधार पर अंतर करता है। हालांकि, एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की खंडपीठ ने इस दलील को सुनते हुए कहा कि सरकार के नीतिगत फैसले में फिलहाल हस्तक्षेप करने की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है।
अनुमान है कि इस फैसले का असर NCR के पड़ोसी शहरों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के 10 लाख से अधिक वाहनों पर पड़ सकता है। हालांकि, कुछ वाहनों को इस पाबंदी से छूट दी गई है:
- सीएनजी (CNG) से चलने वाले वाहन।
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV)।
- दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-VI मानक वाले वाहन।
हाई कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को तय की है, जिसमें एक अन्य समान लंबित मामले पर भी विचार किया जाएगा।