दिल्ली हाईकोर्ट ने 2,453 पेइंग गेस्ट आवासों के नियमन और बिना नक्शे वाली इमारतों पर अधिकारियों से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में पेइंग गेस्ट यानी पीजी आवासों की व्यवस्था और नियमों की समीक्षा शुरू कर दी है। यह कार्रवाई सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए एक पीजी हादसे के बाद शुरू हुई है। कोर्ट ने इस मामले में अधिकारियों से कड़े सवाल किए हैं।
एमसीडी का सर्वे और आंकड़े
म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली यानी एमसीडी ने 2,453 पीजी इमारतों का सर्वे किया है। 24 सितंबर को दाखिल हलफनामे के अनुसार, केवल 730 इमारतों के पास ही मंजूर नक्शे मिले हैं। बाकी 1,723 इमारतों के दस्तावेज नहीं मिल पाए हैं।
न्यायालय के सवाल और कार्रवाई
सुनवाई के दौरान बेंच ने बिना वैध दस्तावेजों वाली इमारतों पर कानूनी कार्रवाई का समय मांगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि पुरानी इमारतों के रिकॉर्ड मिलने में परेशानी आ रही है। इस सर्वे की पूरी जानकारी एएनआई न्यूज पर उपलब्ध है।
सुरक्षा स्थिति और पुलिस रिपोर्ट
सर्वे में 2,342 इमारतें सुरक्षित पाई गईं, जबकि 91 को मरम्मत और चार को खतरनाक घोषित किया गया। इन पीजी में लगभग 50,529 लोग रहते हैं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, सत्य निकेतन की गिरी इमारत के मालिकों ने बदलाव से पहले विशेषज्ञों से राय नहीं ली थी।