दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा के 'Rights Manager' टूल पर उठाए गंभीर सवाल, फर्जी अकाउंट एक्सेस पर लगाई फटकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने 12 अगस्त 2026 को मेटा के 'Rights Manager' टूल पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसकी सुरक्षा में कमियों पर सवाल किए हैं। जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सिस्टम ऐसा है जैसे "घर की चाबी मालिक को नहीं, बल्कि चोर को दे दी गई हो"। कोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि यह टूल सभी Content Creators के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं है और इसमें मौजूद कमियों के कारण कानूनी विवाद बढ़ रहे हैं।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा के 'Rights Manager' टूल की कमजोरियों पर कड़े सवाल किए।
- जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने इसे चोर को घर की चाबी देने जैसा बताया।
- कोर्ट ने टूल में मौजूद खामियों और कानूनी विवादों पर चिंता जताई।
मोहित कुमार के मुकदमे पर हुई सुनवाई
यह मामला AI, बिजनेस और ई-कॉमर्स कोच मोहित कुमार (जो "Rise with Mohit" नाम से जाने जाते हैं) द्वारा दायर मुकदमे के बाद सामने आया है। उनके वकील हिमांशु गोयल और मुस्कान गर्ग ने आरोप लगाया कि धोखेबाज लोग ओरिजिनल वीडियो कंटेंट पर फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक भेजने के लिए 'Rights Manager' सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके जवाब में, कोर्ट ने मेटा को 'Rights Manager' टूल देने की अपनी पॉलिसी, पात्रता मानदंड और आवेदन खारिज होने के आधार को लिखित रूप में पेश करने का निर्देश दिया है।
मेटा का पक्ष और अगली सुनवाई की तारीख
मेटा की वकील आमी राणा ने कोर्ट को बताया कि मोहित कुमार के खिलाफ भेजी गई फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक को हटा दिया गया है और उनका डिलीट किया गया कंटेंट वापस बहाल कर दिया गया है। राणा ने यह भी कहा कि मेटा दावों की जांच के बाद 'Rights Manager' एक्सेस के लिए मोहित कुमार के आवेदन का मूल्यांकन करेगा। कोर्ट ने इस मुकदमे में समस जारी कर दिए हैं और अगली सुनवाई 24 सितंबर के लिए तय की है। इसके अलावा, कोर्ट ने सौरभ मौर्य नाम के एक अन्य Content Creator की ऐसी ही याचिका का भी जिक्र किया, जिनका इंस्टाग्राम अकाउंट फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक के कारण सस्पेंड कर दिया गया था।