दिल्ली हाई कोर्ट ने संजय और अमित डांगी के खिलाफ ईडी के लुकआउट सर्कुलर रद्द किए

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए संजय डांगी और अमित डांगी के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर (LOC) को रद्द कर दिया है। यह सर्कुलर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर इमिग्रेशन ब्यूरो द्वारा जारी किए गए थे। यह पूरा मामला रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़ा हुआ है।
इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मधु जैन ने पाया कि याचिकाकर्ताओं पर यात्रा प्रतिबंध लगाना अब उचित नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संजय और अमित डांगी ने जांच प्रक्रिया में लगातार सहयोग किया है और ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि उन्होंने समन का उल्लंघन किया हो या जांच से बचने की कोशिश की हो।
व्यक्तिगत स्वतंत्रता और यात्रा का अधिकार सर्वोपरि
कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए कि कोई जांच चल रही है, किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और विदेश यात्रा के मौलिक अधिकार को नहीं छीना जा सकता। जस्टिस जैन ने यह भी नोट किया कि ईडी यह साबित करने में विफल रहा कि याचिकाकर्ताओं के विदेश जाने से देश के आर्थिक हितों को कोई खतरा हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक, संजय डांगी ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पूर्व निदेशक हैं, जबकि अमित डांगी वर्तमान में वहां निदेशक हैं। यह कंपनी उन संपत्तियों से जुड़ी है जिन्हें RCFL और RHFL से अधिग्रहित किया गया था। गौर करने वाली बात यह है कि 12 जून 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर ईडी की शिकायत में इन दोनों का नाम आरोपी के तौर पर नहीं है, बल्कि अमित डांगी को तो गवाह नंबर 130 के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
हालांकि, ईडी ने इन सर्कुलर को हटाने का विरोध करते हुए दलील दी थी कि करीब 15,933.65 करोड़ रुपये के कथित डायवर्जन की जांच के लिए याचिकाकर्ताओं का उपलब्ध रहना जरूरी है। लेकिन कोर्ट ने इसे पर्याप्त आधार नहीं माना।
कोर्ट ने LOC रद्द करते हुए यह शर्त रखी है कि संजय और अमित डांगी जांच में सहयोग करने का औपचारिक वचन देंगे। उन्हें अपनी संपर्क जानकारी अपडेट रखनी होगी और विदेश यात्रा की योजना होने पर उसका विवरण ईडी को देना होगा। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि यह केवल सूचना देने की प्रक्रिया होगी, विदेश जाने के लिए ईडी से पहले अनुमति लेना अनिवार्य नहीं होगा।