दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व AAP विधायक कुलदीप कुमार पर कोविड काल की FIR रद्द

Kittu Kumari4 August 20262 min read31 viewsDelhi Local
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व AAP विधायक कुलदीप कुमार पर कोविड काल की FIR रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 अगस्त 2026 को पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक कुलदीप कुमार के खिलाफ कोविड-19 काल में दर्ज दो First Information Reports (FIRs) को रद्द कर दिया है। यह मामला अगस्त 2021 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर निकाली गई तिरंगा यात्रा से जुड़ा हुआ है। अदालत ने इसी घटना से जुड़े चार अन्य व्यक्तियों - रविंद्र, योगेश, अनीता भट्ट और धीरेंद्र के खिलाफ दर्ज FIRs को भी रद्द कर दिया है। इस फैसले के तहत थाना कल्याणपुरी की FIR नंबर 413 (2021) और थाना गाजीपुर की FIR नंबर 413 (या 372) समेत सभी परिणामी कार्यवाही को खत्म कर दिया गया है, जिसकी विस्तृत जानकारी ANI News रिपोर्ट में दी गई है।

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व AAP विधायक कुलदीप कुमार की कोविड-19 काल की FIRs रद्द कीं।
  • यह कार्रवाई अगस्त 2021 में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित तिरंगा यात्रा से जुड़ी थी।
  • अदालत ने रविंद्र, योगेश, अनीता भट्ट और धीरेंद्र के खिलाफ दर्ज मामले भी खत्म किए।
  • थाना कल्याणपुरी और थाना गाजीपुर की FIRs को सभी कार्यवाहियों सहित रद्द किया गया।
  • अदालत का फैसला और 'टेस्ट ऑफ सेमनेस'

    फैसला सुनाते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि "एक ही निरंतर जुलूस को केवल इसलिए अलग-अलग आपराधिक घटनाएं नहीं माना जा सकता क्योंकि वह अलग-अलग पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्रों से गुजरा था।" अदालत ने पाया कि इस रैली में उद्देश्य की एकता, कार्रवाई की निरंतरता और समय तथा स्थान की निकटता थी, जो कानूनी 'टेस्ट ऑफ सेमनेस' को पूरा करती है। इस वजह से लगातार दर्ज की गईं FIRs कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं थीं। फैसले में इस बात पर जोर दिया गया कि एक ही निरंतर लेनदेन के लिए कई बार मुकदमा चलाना भारत के संविधान के अनुच्छेद 20(2) और Criminal Procedure Code की धारा 300 के तहत दिए गए दोहरे खतरे (double jeopardy) के खिलाफ संवैधानिक सुरक्षा का उल्लंघन होगा।

    दिल्ली पुलिस की दलील और मूल मामला

    दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि नए पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में प्रवेश करना हर बार एक नया अपराध माना जाएगा। दिल्ली पुलिस ने 16-17 अगस्त 2021 को कुलदीप कुमार और अन्य के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। पुलिस का आरोप था कि यह तिरंगा यात्रा कोविड-19 प्रतिबंधों, निषेधाज्ञा, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों और मास्क के नियमों का उल्लंघन करके निकाली गई थी। ये आरोप मुख्य रूप से लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवहेलना के लिए Indian Penal Code की धारा 188 के तहत लगाए गए थे। उस समय एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की थी कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के कारण किसी भी रैली के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी।

    Share:

    Comments

    Leave a comment