दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के लिए यूनिफॉर्म SOP की मांग, हाईकोर्ट में याचिका दायर

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के लिए यूनिफॉर्म SOP की मांग, हाईकोर्ट में याचिका दायर

देश की राजधानी दिल्ली में अक्सर होने वाले विरोध प्रदर्शनों और उनके कारण लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए अब कानूनी रास्ता अपनाया गया है। एक वकील ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है, जिसमें मांग की गई है कि सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के लिए एक समान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार जरूर है, लेकिन इसके कारण आम जनता के आवागमन का अधिकार बाधित नहीं होना चाहिए।

अधिवक्ता ऋषभ सक्सेना द्वारा दायर इस याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि विरोध प्रदर्शन केवल तय किए गए स्थानों पर ही होने चाहिए। याचिकाकर्ता ने अपना एक निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि 12 अक्टूबर को जब वह डिफेंस कॉलोनी से बाराखंबा रोड जा रहे थे, तब मंडी हाउस राउंडअबाउट के पास एक भीड़ के कारण उन्हें करीब दो घंटे की देरी हुई। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इस वजह से उन्हें अपने काम पर पहुंचने में काफी दिक्कत आई और ट्रैफिक पूरी तरह ठप था।

सड़कों पर जाम और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर सवाल

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याचिका में यह तर्क दिया गया है कि केवल विरोध प्रदर्शनों के स्थान को जंतर मंतर से बदलकर अन्य जगहों पर शिफ्ट कर देने से समस्या हल नहीं होगी। जब तक ट्रैफिक मैनेजमेंट के पुख्ता इंतजाम और स्पष्ट नियम नहीं होंगे, तब तक आम जनता को परेशानी होती रहेगी। याचिका में पिछले कुछ वर्षों के उदाहरण दिए गए हैं, जैसे 2023 में पहलवानों का विरोध प्रदर्शन और रोजगार से जुड़ी अन्य रैलियां, जिन्होंने सेंट्रल दिल्ली के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट और सरकारी दफ्तरों तक पहुंच को प्रभावित किया।

याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस के उस आदेश का भी जिक्र किया जिसमें जंतर मंतर को डी-नोटिफाई कर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को वैकल्पिक स्थलों के रूप में नामित किया गया है। याचिका में मांग की गई है कि:

  • नियमों की समीक्षा: दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग ऑर्डर नंबर 10/2018 की समीक्षा की जाए और इसमें प्रतिभागियों की संख्या, समय सीमा और आवेदन प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाए।
  • इमरजेंसी कॉरिडोर: यह सुनिश्चित किया जाए कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता हमेशा खुला रहे।
  • अदालतों तक पहुंच: दिल्ली हाई कोर्ट और अन्य न्यायाधिकरणों तक जाने वाले रास्तों पर कोई अवरोध न हो।
  • पब्लिक एडवाइजरी: ट्रैफिक डायवर्जन प्लान और जनता के लिए समय पर एडवाइजरी जारी करने की व्यवस्था हो।

कुल मिलाकर, इस याचिका का उद्देश्य शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और शहर की रफ्तार के बीच एक संतुलन बनाना है, ताकि किसी एक के अधिकार के कारण हजारों लोगों का समय और काम प्रभावित न हो।

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