दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से बाधित हो रहा कामकाज, हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

Kittu Kumari13 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से बाधित हो रहा कामकाज, हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

राजधानी दिल्ली की सड़कों पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों के कारण आम जनता और व्यापारियों को होने वाली दिक्कतों पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से उन याचिकाओं पर उनका स्टैंड मांगा है, जिनमें प्रदर्शनों को विनियमित (regulate) करने और ट्रैफिक व व्यावसायिक गतिविधियों में आने वाली बाधाओं को रोकने के लिए नियमों को लागू करने की मांग की गई है।

मंगलवार को एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन साम्ब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच के सामने यह मामला आया। कोर्ट को बताया गया कि दिल्ली में होने वाले प्रदर्शनों की वजह से न केवल ट्रैफिक जाम होता है, बल्कि व्यापारियों और पेशेवरों का काम भी बुरी तरह प्रभावित होता है। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थानों का सख्ती से पालन हो ताकि आम जनजीवन अस्त-व्यस्त न हो।

ट्रैफिक जाम और व्यापारिक नुकसान पर जताई चिंता

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस मामले में वकील ऋषभ सक्सेना और एक व्यापारी द्वारा अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता सच्चिन पुरी ने कोर्ट में दलील दी कि प्रदर्शनों के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदर्शनों के लिए एक ऐसा सिस्टम बनाया जाए जिससे व्यापारियों और प्रोफेशनल्स के काम में रुकावट न आए।

याचिका में विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया है:

  • SOP की मांग: प्रदर्शनों के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया जाए, जिसमें ट्रैफिक डायवर्जन प्लान और समय पर पब्लिक एडवाइजरी जारी करना शामिल हो।
  • प्रमुख इलाकों की सुरक्षा: मंडी हाउस, जंतर मंतर और मध्य दिल्ली के अन्य हिस्सों में सड़कों को ब्लॉक होने से बचाया जाए।
  • संस्थानों तक पहुंच: अदालतों, ट्रिब्यूनल्स और वैधानिक अधिकारियों तक जाने वाले रास्तों में कोई बाधा न हो।
  • नए स्थलों का प्रबंधन: दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को हटाकर रामलीला ग्राउंड, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को वैकल्पिक स्थलों के रूप में चुना है। याचिका में इन नए स्थलों के लिए स्पष्ट नियम और समन्वय की मांग की गई है।

एक उदाहरण देते हुए याचिकाकर्ता ने बताया कि 12 अक्टूबर को डिफेंस कॉलोनी से बाराखंबा रोड जाते समय मंडी हाउस के पास भारी भीड़ के कारण उन्हें करीब दो घंटे की देरी का सामना करना पड़ा। याचिका में स्पष्ट किया गया है कि मांग शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की है कि प्रदर्शनों से आवश्यक सेवाओं और आम जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।

हाई कोर्ट ने यह भी नोट किया कि इस तरह के कुछ मामले सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित हैं। फिलहाल, कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करें और रिकॉर्ड पर जवाब दाखिल करें।

Share:

Comments

Leave a comment