कंगना रनौत के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करेगा दिल्ली हाई कोर्ट, AI डीपफेक हटाने का आदेश

Kittu Kumari12 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
कंगना रनौत के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करेगा दिल्ली हाई कोर्ट, AI डीपफेक हटाने का आदेश

अभिनेता और भाजपा सांसद कंगना रनौत की एक बड़ी कानूनी जीत हुई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) को सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके नाम, छवि, आवाज और अन्य व्यक्तिगत विशेषताओं के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाए गए डीपफेक, छेड़छाड़ किए गए वीडियो और फर्जी भाषणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

जस्टिस विकास महाजन ने 8 अक्टूबर को दिए अपने आदेश में मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (Meta Platforms Inc) को निर्देश दिया कि कंगना रनौत द्वारा पहचाने गए आपत्तिजनक कंटेंट को आदेश मिलने के 72 घंटों के भीतर स्थायी रूप से हटा दिया जाए। इसके साथ ही, कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और दूरसंचार विभाग को भी निर्देश दिया है कि वे इंटरनेट और टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं के जरिए उन वेबसाइटों को ब्लॉक करें, जहाँ इस तरह की फर्जी सामग्री प्रसारित की जा रही है।

AI जनित अश्लील और भ्रामक सामग्री पर कोर्ट की सख्ती

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

यह आदेश कंगना रनौत द्वारा दायर एक याचिका के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सोशल मीडिया पर उनके फर्जी बयान, मोर्फ्ड तस्वीरें और AI द्वारा तैयार किए गए ऑडियो-विजुअल वीडियो फैलाए जा रहे हैं। कोर्ट ने पाया कि याचिका में दिए गए कुछ दस्तावेज पहली नजर में अश्लील और यौन रूप से अभद्र थे, जिन्हें AI के जरिए बिना उनकी अनुमति के बनाया गया था।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कंगना रनौत का सार्वजनिक कद उन्हें उनके व्यक्तित्व और उससे जुड़ी विशेषताओं पर मालिकाना हक देता है। जज ने टिप्पणी की कि जब किसी व्यक्ति की छवि और वर्तमान पद (सांसद) का उपयोग फर्जी बयानों के साथ किया जाता है, तो आम दर्शक इसे सच मान सकते हैं, जिससे भ्रामक जानकारी फैलती है। यह स्थिति उनकी प्रतिष्ठा और गरिमा को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है, जिसकी भरपाई केवल पैसों से नहीं की जा सकती।

कंगना के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता साकेत सिकरी ने दलील दी कि इस तरह की सामग्री उनके व्यक्तित्व, पहचान और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन करती है। कोर्ट ने माना कि कंगना ने मनोरंजन उद्योग में दो दशकों से काम किया है और अब वह मंडी निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं, इसलिए उनकी छवि का व्यावसायिक शोषण और गलत इस्तेमाल रोकना जरूरी है।

अदालत ने 'जॉन डो' (अज्ञात व्यक्ति) सहित सभी प्रतिवादियों को प्रतिबंधित किया है कि वे बिना अनुमति के कंगना रनौत की आवाज, चेहरे या व्यक्तित्व का उपयोग करके कोई भी सिंथेटिक मीडिया, फर्जी एंडोर्समेंट या impersonation कंटेंट न बनाएं। यह अंतरिम आदेश अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा।

Share:

Comments

Leave a comment