दिल्ली उच्च न्यायालय में नई जनहित याचिका दाखिल, पीजी आवासों के लिए सुरक्षा तंत्र की मांग

दिल्ली उच्च न्यायालय में छात्रों के रहने वाले पेइंग गेस्ट यानी पीजी आवासों के लिए कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग को लेकर एक नई जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका सत्य निकetan क्षेत्र में हुई हालिया इमारत ढंसने की घटना के बाद दाखिल की गई है। इस याचिका का उद्देश्य राजधानी में छात्र आवास सुविधाओं के लिए भवन सुरक्षा मानकों और नियामक निगरानी से जुड़ी बढ़ती चिंताओं को दूर करना है।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने इस शुरुआती याचिका पर सुनवाई की और इसके बाद संबंधित पक्षों से औपचारिक जवाब मांगने के लिए नोटिस जारी किए। अदालत ने निर्देश दिया है कि इस याचिका को पीठ के समक्ष पहले से लंबित संबंधित मामलों के साथ 14 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
कार्यवाही के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से वकील आशु बिधूड़ी ने पक्ष रखा। अदालत का यह हस्तक्षेप राजधानी में छात्रों के आवासों के लिए सुरक्षा और नियमों की निगरानी से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है।