दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, Drishti IAS के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति के फेक प्रोफाइल और डीपफेक वीडियो हटाने के निर्देश

Kittu Kumari29 September 20261 min read4 viewsDelhi Local
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, Drishti IAS के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति के फेक प्रोफाइल और डीपफेक वीडियो हटाने के निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने Drishti IAS के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति की पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल करने वाले ऑनलाइन मटेरियल को हटाने का आदेश दिया है। इस मामले में फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, डीपफेक वीडियो और उनके व्याख्यानों की अनधिकृत रिकॉर्डिंग शामिल हैं। न्यायमूर्ति ए.जे. भामरी ने विकास दिव्यकीर्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किए। दिव्यकीर्ति ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने नाम, छवि और पहचान के कथित दुरुपयोग से सुरक्षा की मांग की थी।

फर्जी खातों और भ्रामक वीडियो पर रोक

यह मामला विकास दिव्यकीर्ति के नाम और तस्वीर का उपयोग करके बनाए गए ऑनलाइन खातों और चैनलों से जुड़ा है। उनकी याचिका में उन वीडियो पर भी चिंता जताई गई थी जिनमें उन्हें सट्टेबाजी और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का समर्थन करते हुए दिखाया गया था। उनका दावा था कि इन वीडियो को उनकी सहमति के बिनाManipulated या तैयार किया गया था। अदालत को उनके व्याख्यानों के क्लिप्स के प्रसार के बारे में भी जानकारी दी गई थी।

डिजिटल टूल्स और दुरुपयोग पर अदालत की चिंता

सुनवाई के दौरान डिजिटल टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई जो छेड़छाड़ की गई सामग्री बनाने में सक्षम हैं। न्यायमूर्ति भामरी ने ऐसे टूल्स के बिना किसी प्रभावी पहचान तंत्र के उपलब्ध होने पर चिंता जताई। मेटा के वकील वरुण पाठक ने दलील दी कि प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं द्वारा किसी फीचर के हर दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकते। अदालत ने यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर विकास दिव्यकीर्ति के नाम और तस्वीर का उपयोग करने वाले फर्जी प्रोफाइल और चैनलों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

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