Delhi HC ने Khushi Kapoor के अशील कंटेंट और unauthorized merchandise हटाने का दिया आदेश

Kittu Kumari12 August 20262 min read138 viewsNational
Delhi HC ने Khushi Kapoor के अशील कंटेंट और unauthorized merchandise हटाने का दिया आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक्टर खुशी कपूर (Khushi Kapoor) से जुड़े कथित अशील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उनकी पर्सनालिटी राइट्स का उपयोग करके unauthorized merchandise की बिक्री से जुड़ी सामग्री को भी हटाने के लिए कहा गया है (Source: ANI)। मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस ज्योति सिंह (Justice Jyoti Singh) ने यह निर्देश जारी करते हुए कपूर के पर्सनालिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा पर जोर दिया।

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  • दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिए हैं।
  • खुशी कपूर के खिलाफ अशील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट हटाया जाएगा।
  • बिना अनुमति के merchandise बेचने वाली सामग्री पर भी रोक लगेगी।
  • मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर और 18 दिसंबर को तय की गई है।
  • John Doe आर्डर और कोर्ट के निर्देश

    अदालत ने संकेत दिया कि इस शोषण में शामिल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कपूर के अधिकारों की रक्षा के लिए एक "John Doe order" जारी किया जाएगा। यह निर्देश विशेष रूप से ऐसे कंटेंट को टारगेट करता है जिसे "पोर्नोग्राफिक, अशील,कामुक या वासनापूर्ण" माना गया है, साथ ही ऐसी सामग्री को भी जो किसी व्यक्ति के पर्सनालिटी राइट्स को बिना अनुमति के monetize करती है। हालांकि, कोर्ट ने फ्री स्पीच को बनाए रखने के लिए वैध उपयोग, आलोचना और शोषक सामग्री के बीच अंतर करने के महत्व को भी नोट किया, जिस बात को खुशी कपूर की बहन से जुड़े एक ऐसे ही मामले में भी रेखांकित किया गया था।

    पिछला फैसला और कानूनी टीम

    यह फैसला ठीक एक दिन पहले, 11 अगस्त 2026 को खुशी कपूर की बहन और एक्टर जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) के लिए जारी किए गए एक समान आदेश के बाद आया है। जाह्नवी की याचिका में, जस्टिस अनुप जयराम भंभानी (Justice Anup Jairam Bhambhani) ने व्यापक takedown मांगों के खिलाफ चेतावनी दी थी जो फ्री स्पीच को प्रभावित कर सकती हैं, और सभी fan pages पर एक blanket injunction देने से इनकार कर दिया था। खुशी कपूर की कानूनी टीम में IndiaLaw LLP शामिल थी, जिसमें पार्टनर असाव राजन (Asav Rajan) और आभा शाह (Abha Shah) शामिल थे।

    आगे की सुनवाई और अन्य विवरण

    मुकदमे की अगली सुनवाई ज्वॉइंट रजिस्ट्रार के समक्ष 17 सितंबर को निर्धारित है, जबकि interim application पर कोर्ट द्वारा 18 दिसंबर को सुनवाई की जाएगी। यह मामला एक व्यापक ट्रेंड का हिस्सा है जहां दिल्ली हाईकोर्ट पब्लिक फिगर्स के पर्सनालिटी राइट्स को unauthorized commercial exploitation और manipulated डिजिटल कंटेंट से सक्रिय रूप से बचा रहा है।

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