Delhi High Court का Janhvi Kapoor को बड़ा आदेश, 552 अफ़्स्लील URLs हटाने के दिए निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 अगस्त 2026 को एक बड़ा आदेश जारी करते हुए ऐक्टर Janhvi Kapoor से जुड़े 552 अफ़्स्लील और पोर्नोग्राफिक URLs को हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत की यह कार्रवाई Justice Anup Jairam Bhambhani की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 11 अगस्त 2026 को दायर की गई पर्सनालिटी राइट्स याचिका पर सुनवाई की गई। इस याचिका में कुल 6,884 URLs को हटाने की मांग की गई थी। अदालत ने सभी 6,884 लिंक्स को एक साथ हटाने का आदेश देने से मना कर दिया, क्योंकि अदालत के अनुसार यह मांग बहुत व्यापक थी और हर फैन पेज गैरकानूनी नहीं होता।
Justice Bhambhani ने स्पष्ट किया कि जो पेज फिल्म से जुड़ी जानकारी, फोटो, वीडियो या सार्वजनिक चर्चा शेयर करते हैं, वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत सुरक्षित हैं, बशर्ते उनमें अफ़्स्लील सामग्री या unauthorised monetization न हो। अदालत नेAI-generated deepfakes, impersonation और explicit material के मामलों को अलग माना। कोर्ट ने defendants 20 और 21 को विशेष रूप से 552 URLs हटाने का निर्देश दिया, क्योंकि ऐसी सामग्री से plaintiff को अपूरणीय क्षति हो रही थी। सुनवाई के दौरान Meta के वकील Varun Pathak ने हजारों लिंक्स की मैन्युअल जांच पर चिंता जताई थी।
आगे की कार्रवाई के लिए, अदालत ने Janhvi Kapoor के वकीलों को बाकी बचे disputed digital material को तीन श्रेणियों में बांटने का आदेश दिया है: स्पष्ट रूप से पोर्नोग्राफिक सामग्री, पर्सनालिटी राइट्स का सीधे तौर पर मुद्रीकरण करने वाली सामग्री, और नाम व likeness का उपयोग करके सामान व सेवाओं को अप्रत्यक्ष रूप से प्रमोट करने वाली सामग्री। यह मामला 'John Doe' defendants के खिलाफ जारी है, क्योंकि अदालत सेलिब्रिटी के पर्सनालिटी राइट्स की रक्षा और जनता की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बना रही है।