दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महिला की मॉर्फ्ड तस्वीरें और डीपफेक सामग्री तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। यह तस्वीरें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रदर्शन से जुड़ी हुई बताई जा रही हैं। अदालत ने इस मामले में तत्काल सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस और सीजेपी नेताओं को औपचारिक नोटिस जारी किया है।
पीड़िता को मिल रही धमकियों को देखते हुए
अदालत ने उसे पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है। यह आदेश महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों के बीच आया है। राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
इसी बीच 21 सितंबर 2026 को आस्पा कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का मामला भी चर्चा में है।
इस घटना में आसिफ, हेमंत और मुकेश नाम के तीन आरोपी शामिल थे। इस घटना के बाद लेडी श्रीराम कॉलेज (LSR) के छात्रों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया और व्यवस्था में सुधार की मांग की।
एलएसआर छात्र संघ अध्यक्ष अनुषा गर्ग ने मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि घर पर रहना हमारी सुरक्षा नीति नहीं हो सकती है।
उन्होंने व्यावहारिक और व्यवस्था-आधारित समाधानों की मांग की है। वहीं, डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष लता गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा अस्वीकार्य है। डीपफेक मामले में अदालत का यह हस्तक्षेप डिजिटल और शारीरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।