Delhi High Court ने Union Government को दो महीने के भीतर National Nursing and Midwifery Commission (NNMC) के लंबे समय से लंबित गठन पर अपना फैसला अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। अदालत के इस बड़े आदेश से nursing sector में सुधार की उम्मीद जगी है। Justice Swarana Kanta Sharma ने Indian Professional Nurses Association (IPNA) द्वारा advocate Robin Raju के माध्यम से दायर एक writ petition का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया है। अदालत ने आदेश दिया कि इस petition को सरकार द्वारा प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक formal representation माना जाए।
यह निर्देश 17 August 2026 को जारी किया गया है, जिसके तहत सरकार को निर्णय पर पहुंचने के बाद petitioner को अपने फैसले की जानकारी देनी होगी। Justice Sharma ने IPNA को यह स्वतंत्रता भी दी है कि यदि वे सरकार के जवाब से असंतुष्ट रहते हैं, तो वे एक नई writ petition के साथ दोबारा अदालत में आ सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया पर legal experts की नजर बनी हुई है।
National Nursing and Midwifery Commission Act, 2023 को August 2023 में Presidential assent मिला था और यह 29 February 2024 को प्रभावी हुआ था। इसे education and service standards को सुधारने के लिए Indian Nursing Council Act of 1947 को बदलने के लिए डिजाइन किया गया था। NNMC Rules, 2024 के 13 March 2024 को notification के बाद सरकार ने 14 March 2024 को 29-member commission और उसके boards के लिए applications आमंत्रित की थीं, लेकिन commission अभी तक स्थापित नहीं किया गया है।
IPNA द्वारा 7 July 2026 को प्राप्त एक RTI response ने पुष्टि की कि commission के लिए कोई appointments या recruitment अंतिम रूप नहीं दी गई है, जिसके कारण legal challenge सामने आया। इस मामले की विस्तृत जानकारी के लिए आप
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