दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: संसाधनों के संकट के बीच सभी सरकारी अस्पतालों में तुरंत हो प्रमुखों की नियुक्ति

Kittu Kumari19 September 20261 min read17 viewsDelhi Local
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: संसाधनों के संकट के बीच सभी सरकारी अस्पतालों में तुरंत हो प्रमुखों की नियुक्ति

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने गंभीर नेतृत्व संकट से निपटने के लिए 15 दिनों के भीतर सभी सरकारी अस्पतालों में कार्यवाहक प्रमुखों की नियुक्ति करने का आदेश दिया है। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत पी.एस. अरोड़ा की विशेष बेंच ने 18 सितंबर 2026 को राजधानी की 38 सरकारी सुविधाओं में स्थिति पर गहरी चिंता जताई। अदालत ने तीखे सवाल किए कि बिना स्थायी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, मेडिकल डायरेक्टर या डायरेक्टर के ये संस्थान कैसे ठीक से काम कर सकते हैं। बेंच ने निर्देश दिया कि कोई भी नेतृत्व पद खाली नहीं रहना चाहिए और स्वास्थ्य सचिव को मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए एक केंद्रीय भर्ती तंत्र स्थापित करना चाहिए।

अदालत की पिछली कार्रवाई और बेकार पड़ी मशीनें

यह आदेश अदालत के पिछले कई हस्तक्षेपों के बाद आया है। 8 अगस्त 2026 को बेंच ने इस बात पर प्रकाश डाला था कि तकनीकी कर्मियों और आवश्यक उपकरणों की कमी के कारण करोड़ों रुपये के चिकित्सा उपकरण बेकार पड़े हैं। इसके बाद, 14 अगस्त 2026 को अदालत ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा सेवा विभागों के सचिवों को 26 अस्पतालों के नेतृत्व के साथ बैठक करने का आदेश दिया था। महंगे उपकरण चालू क्यों नहीं हैं, इसके स्पष्टीकरण पर अदालत ने गहरी असंतोष व्यक्त किया।

नई हेल्पलाइन और अगली सुनवाई

संबंधित घटनाक्रम में, दिल्ली सरकार ने अदालत को सूचित किया कि उसने नागरिकों को सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध आईसीयू बेड का पता लगाने में मदद के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन, 102 शुरू की है। अदालत ने अक्टूबर के लिए आगे की सुनवाई निर्धारित की है, उस समय सभी अस्पतालों के प्रमुखों को अनुपयोगी चिकित्सा उपकरण के मामले को विशेष रूप से संबोधित करने के लिए भौतिक रूप से या वस्तुतः पेश होने का आदेश दिया गया है।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment